सुकमा , अप्रैल 16 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के ग्राम गुमा में एक महिला सरपंच की पहल ने विकास की नयी मिसाल पेश की है। गांव की पहली महिला सरपंच विमला नाग ने नक्सल खौफ के बीच नेतृत्व संभालते हुए गांव को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।
वर्ष 2016 से पहले गुमा गांव नक्सली प्रभाव के कारण विकास से लगभग अछूता था। सड़क, बिजली और शासकीय योजनाओं की पहुंच यहां तक नहीं थी। ऐसे हालात में स्थानीय युवती विमला नाग ने परिवार और ग्रामीणों के सहयोग से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। नक्सली दहशत के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सरपंच निर्वाचित होकर गांव के विकास का जिम्मा संभाला।
उनके नेतृत्व में गांव में पक्की सड़कों का निर्माण हुआ, जिससे सम्पर्क में सुधार आया। अधिकांश घरों तक बिजली पहुंच चुकी है और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 275 आवासों का निर्माण प्रगति पर है। इसके साथ ही स्वच्छता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है और गांव को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया जा चुका है।
श्रीमती नाग ने महिला सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया है। गांव में स्व-सहायता समूहों को सक्रिय कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
विमला नाग ने कहा कि उनका लक्ष्य गुमा को एक मॉडल गांव के रूप में विकसित करना है। इसके लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आंतरिक सीसी सड़कों और पुलिया निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं कि गुमा को उसके पिछड़ेपन के लिए नहीं, बल्कि विकास के उदाहरण के रूप में पहचाना जाए।
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