बीजापुर , जनवरी 31 -- छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के एक अति संवेदनशील एवं दुर्गम नक्सल प्रभावित क्षेत्र में प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने और स्थानीय विकास को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम मुक्कावेली में एक नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैंप की सफल स्थापना की गई है। यह कैंप सुरक्षा बलों की रणनीतिक मौजूदगी को दर्शाता है और क्षेत्र में शासन तथा विकास योजनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय से शनिवार को मिली जानकारी के मुताबिक इस कैंप की स्थापना राज्य पुलिस की विशिष्ट इकाइयों डीआरजी एवं जिला बल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की एक वाहिनी की संयुक्त कार्यवाही का परिणाम है। अत्यंत दुर्गम पहाड़ी इलाके, घने जंगल और प्रतिकूल मौसम की चुनौतियों का सामना करते हुए सुरक्षा बलों ने दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि न केवल सुरक्षा ऑपरेशनों के लिए एक नया आधार स्थल प्रदान करती है, बल्कि इस पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक केंद्र बिंदु का भी कार्य करेगी।

इस रणनीतिक स्थान पर कैंप की स्थापना से अंतर्राज्यीय संपर्क मार्गों, विशेष रूप से भोपालपटनम् से फरसेगढ़, सेण्ड्रा और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले को जोड़ने वाले रास्तों की सुरक्षा में मदद मिलेगी। यह इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के सुदूरवर्ती गाँवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सेतु का काम करेगा। इससे न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और मोबाइल संचार जैसी आवश्यक सुविधाएं भी स्थानीय नागरिकों के लिए सुलभ होंगी।

जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में यह 32वां नया सुरक्षा कैंप है। इस सतत अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस अवधि में सैकड़ों माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल होना स्वीकार किया है, जबकि कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों को कानून के शिकंजे में लिया गया है। यह प्रगति सुरक्षा बलों की सक्रियता और समर्पण को दर्शाती है।

इस महत्वपूर्ण परियोजना का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, सुन्दरराज पी. के मार्गदर्शन में किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में जिला बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी फरसेगढ़ अमन लखीसरानी तथा उप पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ सिंह चौहान ने विशेष भूमिका निभाई।

छत्तीसगढ़ शासन की 'नियद नेल्ला नार' (हमारा नया घर) योजना के अंतर्गत इस कैंप की स्थापना से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, स्थानीय आबादी के बीच विश्वास का माहौल बनाने और समग्र विकास को एक सशक्त आधार मिलने की उम्मीद है।

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