भोपाल/इंदौर/जबलपुर/ग्वालियर , फरवरी 12 -- नए श्रम कानूनों समेत विभिन्न मांगों को लेकर केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर गुरुवार को मध्यप्रदेश के कई शहरों में कर्मचारियों ने हड़ताल और प्रदर्शन किए। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, कटनी, इटारसी, उज्जैन, रतलाम, हरदा, मंदसौर, भिंड और खरगोन सहित अनेक जिलों में धरना-प्रदर्शन आयोजित किए गए।

संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के बैनर तले आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, बैंक, बीमा, केंद्रीय कर्मचारी संगठनों तथा बीएसएनएल व डाक विभाग के कर्मचारियों ने भागीदारी की। भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे। मध्यप्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के अनुसार सरकारी के साथ कुछ निजी बैंक कर्मियों ने भी समर्थन दिया, हालांकि स्टेट बैंक की सेवाएं सामान्य रहीं।

जबलपुर, कटनी और इटारसी की डिफेंस फैक्टरियों के बाहर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इटारसी में ऑर्डनेंस फैक्टरी के कर्मचारियों ने एक घंटे काम का बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया। जबलपुर में आयुध निर्माणी खमरिया सहित अन्य इकाइयों में प्रदर्शन हुए।

भोपाल में पंजाब नेशनल बैंक के सामने कर्मचारियों ने नारेबाजी की, जबकि इंदौर में आशा, उषा और परिवेशक कर्मचारियों ने गांधी हॉल परिसर में धरना दिया। ग्वालियर में लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने धरना प्रदर्शन हुआ। उज्जैन के टावर चौक पर सीटू के नेतृत्व में रैली निकाली गई। रतलाम, मंदसौर और भिंड में भी विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे।

हालांकि कई शहरों में जनजीवन सामान्य रहा। सतना, जबलपुर और ग्वालियर में बाजार खुले रहे और बंद का व्यापक असर नहीं दिखा। कुछ स्थानों पर सीमित समय के लिए बैंक शाखाएं बंद रहीं, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में चारों श्रम संहिताओं को रद्द करना, बिजली संशोधन विधेयक वापस लेना, ड्राफ्ट सीड बिल निरस्त करना, मनरेगा की बहाली तथा अन्य श्रमिक हितों से जुड़े निर्णयों पर पुनर्विचार शामिल है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा।

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