रायपुर , दिसंबर 21 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार की नई श्रम संहिता को मजदूर विरोधी बताते हुए उस पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रविवार को कहा कि श्रम कानूनों में किया गया बदलाव मोदी सरकार की कॉरपोरेटपरस्त नीतियों का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिससे देश के करोड़ों मेहनतकश मजदूरों के अधिकारों पर सीधा प्रहार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूर संगठनों के व्यापक विरोध के बावजूद केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों के हित में फैसले लेकर श्रमिकों को गुलामी की ओर धकेल दिया है।

आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके श्री बैज ने कहा कि 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नई श्रम संहिताएं थोपना मजदूरों के साथ अन्याय है। नई व्यवस्था के तहत काम के घंटे आठ से बढ़ाकर बारह कर दिए गए हैं, जिससे श्रमिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कारखानों में महिला श्रमिकों के लिए अनिवार्य सुविधाओं में कटौती की गई है, जिससे महिला कामगारों की सुरक्षा और सम्मान पर सवाल खड़े होते हैं। वहीं, 100 से अधिक मजदूरों पर लागू विशेष संरक्षण की सीमा बढ़ाकर 300 कर दी गई है, जिससे बड़ी संख्या में श्रमिक सुरक्षा के दायरे से बाहर हो जाएंगे।

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