नयी दिल्ली , अप्रैल 25 -- भारत की नई महिला इंटरनेशनल मास्टर शिविका रोहिल्ला को शुक्रवार रात यहां एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिविका के माता-पिता, कोच और उनके स्कूल की प्रिंसिपल मौजूद थे।

मात्र छह वर्ष की उम्र से शतरंज खेलना शुरू करने वाली शिविका ने हंगरी के बुडापेस्ट में अपना महिला इंटरनेशनल मास्टर नॉर्म हासिल किया। 18 वर्षीय शिविका ने इस अवसर पर कहा, ''जब मैं छह साल की थी तब मैंने 64 खानों का खेल खेलना शुरू किया था। उसके बाद यह खेल मेरा जीवन बन गया। मेरी मां निधि इस दौरान मेरी सबसे बड़ी प्रेरणास्त्रोत रहीं।''शिविका के पिता डॉ नरेंद्र रोहिल्ला ने इस अवसर पर कहा, ''मेरे लिए यह बड़े गर्व की बात है कि मैं आज इस मंच पर अपनी बेटी के साथ बैठा हूँ। इतने वषों में हम वित्तीय उतार-चढ़ाव से गुजरते रहे और यही सोचते रहे कि उसे खेलने दें या नहीं। लेकिन हमने उसे खेलने दिया। उसकी मां उसकी सबसे बड़ी प्रेरणास्त्रोत रही। मैं बस पीछे से उनके लिए सपोर्ट सिस्टम बना रहा। वह खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी सर्वश्रेष्ठ रही है। मेरी शुभकामनाएं यही हैं कि वह आगे चलकर महिला जीएम और जीएम बने। ''पिछले एक दशक से शिविका के कोच की भूमिका निभा रहे विशाल सरीन इस अवसर पर बेहद भावुक नजर आये। उन्होंने रुंधे गले से कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि शिविका भविष्य में बहुत आगे जायेगी।

शिविका के स्कूल की प्रिंसिपल डॉ एनी कोशी ने शिविका को बधाई देते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की।

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