जयपुर , मार्च 09 -- राजस्थान विधानसभा में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने सोमवार को कहा कि धौलपुर विधानसभा क्षेत्र में 162 गांवों को जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत पेजयल पहुंचाया जायेगा और इसके लिए 42 लघु योजनाओं में 54 ग्रामों एवं तीन वृहद परियोजनाओं में 108 ग्रामों की स्वीकृतियां राज्य स्तरीय बैठकों द्वारा जारी की गई है।
श्री चौधरी कांग्रेस विधायक शोभारानी कुशवाह के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राजाखेड़ा पेयजल परियोजना तथा कालीतीर पेयजल परियोजना के स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन के लिए वर्तमान में निविदा प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा इस क्षेत्र के 54 ग्रामों को लाभान्वित करने के लिए स्वीकृत 42 लघु योजनाओं में से 14 योजनाओं का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष 28 योजनाओं का कार्य प्रगतिरत है, जिन्हें शीघ्र पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन डालने के दौरान 89.74 कि.मी. सड़क तोड़ी गई थी, इनकी मरम्मत हो चुकी है।
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि पीएम कुसुम योजना कम्पोनेंट-बी के तहत अनुसूचित क्षेत्र के जनजातीय किसानों को सौर ऊर्जा चालित पम्पसेट शत-प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में योजना के तहत 4,313 कृषकों को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शेष रहे आवेदनों को भी शीघ्र ही अनुदान की कार्यवाही की जाएगी।
श्री खराड़ी प्रश्नकाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक प्रताप लाल भील के पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र की स्थापना के लिए इकाई लागत का 30 प्रतिशत राज्य सरकार तथा 30 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा राज्य के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को राज्य मद से प्रति संयंत्र 45 हजार रुपये का अतिरिक्त अनुदान दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 2020-21 में 750, 2021-22 में 1626, 2022-23 में 96, 2023-24 में 517, 2024-25 में 728 तथा 2025-26 में 4,313 कृषकों को लाभान्वित किया गया।
श्री खराड़ी ने एक अन्य प्रश्न के जवाब में कहा कि विधानसभा क्षेत्र खेरवाड़ा में वर्ष 2024-25 में 62 कार्यों के लिए 13.83 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है। साथ ही, 60 कार्यों के लिए 12.97 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी जारी की जा चुकी है। वह प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक डॉ. दयाराम परमार द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा प्रदेश में कुल 1765 कार्यों के लिए 32923.46 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की गई हैं। उन्होंने इसका जिलेवार संख्यात्मक विवरण सदन के पटल पर रखा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश भर में 360 छात्रावासों के मरम्मत कार्य कराए गए हैं, जिन पर लगभग 60.73 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। बांसवाड़ा जिले में भी पिछले दो वर्षों में 8 छात्रावासों में 1.93 करोड़ रुपए की लागत से मरम्मत कार्य कराए गए हैं।
श्री गहलोत प्रश्नकाल में भाजपा विधायक कैलाश चन्द्र मीणा के पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र गढ़ी में छात्रावासों की मरम्मत के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। राजकीय जनजातीय अम्बेडकर बालिका छात्रावास तथा राजकीय अम्बेडकर अनुसूचित जनजाति छात्रावास के मरम्मत कार्यों के लिए 15-15 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है और ये कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि छात्रावासों में प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए बजट घोषणा के अनुसार क्षमता बढ़ाने के विषय पर भविष्य में विचार किया जाएगा तथा इसे बजट घोषणा में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।
इससे पूर्व मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र गढ़ी में विभाग द्वारा चार राजकीय एवं एक अनुदानित, कुल पांच छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में क्षेत्र में किसी नए छात्रावास को खोलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
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