भरतपुर , मार्च 11 -- राजस्थान के धौलपुर में बुधवार को हिंदू-मुस्लिम-सिख भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए 66 असहाय, गरीब और अनाथ कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया।

ऐतिहासिक तीर्थराज मचकुंड में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में 47 हिंदू, नौ मुस्लिम और 10 सिख समाज के नवविवाहित जोड़ों को उनके धर्मो के रीतिरिवाज से वैवाहिक जीवन में प्रवेश कराया गया।

समाजसेवी अनिल अग्रवाल द्वारा आयोजित इस आठवें सामूहिक विवाह सम्मेलन में सभी धर्मों की परंपराओं के अनुसार अलग-अलग पंडालों में विवाह की रस्में संपन्न कराई गईं। हिंदू जोड़ों ने अग्नि के समक्ष सात फेरे लिए, मुस्लिम जोड़ों का निकाह कबूलनामा के साथ हुआ, जबकि सिख जोड़ों ने गुरबानी के साथ फेरे लेकर एक-दूसरे का हाथ थामा।

इस अवसर पर सभी नवदंपतियों को करीब साढ़े तीन लाख रुपये का गृहस्थी का पूरा सामान दान-दहेज के रूप में दिया गया। इसमें कपड़े, आवश्यक घरेलू सामान और आभूषण के रूप में सोने का मंगलसूत्र, नथ, कान के टॉप्स और चांदी की बिछिया शामिल थे।

सामूहिक विवाह समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे और नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया।

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