जयपुर , फरवरी 04 -- राजस्थान के उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि अलवर जिले की राजगढ़ तहसील के धौराला राजस्व गांव में रीको औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि आंवटन का काम अग्रिम चरण में है।

कर्नल राठौड़ प्रश्नकाल में विधायक मांगेलाल मीना के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि उपलब्ध कराने के साथ उपयुक्त जमीनों को चिह्नित कर लैंड बैंक भी तैयार कर रही है, ताकि उद्योगों की मांग के अनुरूप उन्हें समय पर भूमि उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि लक्ष्मणगढ़ में उपलब्ध भूमि प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र (एनसीजेड़) में आने के कारण इसका उपयोग उद्योगों के लिए नहीं हो सकता है।

उन्होंने बताया कि राजगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में कुल 114 प्लॉट उपलब्ध हैं, इनमें 110 प्लॉट आवंटित तथा 4 रिक्त हैं। इस क्षेत्र में कुल 40 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जिसमें से 25 एकड़ उद्योगों तथा शेष भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित है। उन्होंने बताया कि राजगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में डोलोमाइट प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग स्थापित हैं। खनन प्रतिबंधों के कारण इन उद्योगों की गतिविधियाँ प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उपलब्ध रिक्त भूखण्डों को देखते हुए राजगढ़ औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की आवश्यकता वर्तमान में नहीं है।

इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के लिए राजस्व गांव धौराला में 27.68 हैक्टेयर भूमि व लक्ष्मणगढ़ उपखंड के ग्राम मुण्डजोडी में 27.37 हैक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। धौराला राजस्व गांव की चिह्नित भूमि आवंटन के लिए जिला कलक्टर व राजस्व विभाग को समय-समय पर लिखा गया है। उन्होंने बताया कि लक्ष्मणगढ़ में औद्योगिक क्षेत्र का काम चिह्नित भूमि के आंवटन के बाद शुरू किया जायेगा।

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