वाराणसी , जनवरी 27 -- धार्मिक नगरी काशी में मंगलवार को वेदपाठी एवं संस्कृत के छात्रों ने पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनकर क्रिकेट खेलते हुए खेल और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। मैच के दौरान चौके-छक्कों के साथ-साथ पूरी कमेंट्री संस्कृत भाषा में हुई, जिसने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।

शास्त्रार्थ महाविद्यालय (दशाश्वमेध) के 82वें स्थापना दिवस के अवसर पर रेवड़ी तालाब स्थित जय नारायण घोष इंटर कॉलेज के मैदान में 'संस्कृत क्रिकेट प्रतियोगिता' का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में चार टीमों ने भाग लिया। सभी खिलाड़ी धोती-कुर्ता, त्रिपुंड, चंदन का टीका और रुद्राक्ष की माला धारण किए हुए मैदान में उतरे, जबकि अंपायर भी इसी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए।

आठ ओवर के इस मुकाबले में एक गेंदबाज को दो ओवर फेंकने की अनुमति थी और बल्लेबाजी दोनों छोर से की जा रही थी। संस्कृत में चल रही कमेंट्री ने मैच को विशिष्ट पहचान दी और उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजक एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार शुक्ला ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य यह संदेश देना है कि वेदपाठी छात्र केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेलकूद में भी पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजन नियमित रूप से किए जाते हैं।

प्रतियोगिता के विजेता एवं प्रतिभागी टीमों को 30 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर गणेश दत्त शास्त्री, पवन शास्त्री, पार्षद विजय द्विवेदी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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