धार , मार्च 12 -- मध्यप्रदेश के धार जिले की एक अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले में निजी कंपनी के पूर्व सीनियर अकाउंट मैनेजर को आजीवन सश्रम कारावास और एक करोड़ 97 लाख रुपये से अधिक के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार पीथमपुर स्थित एक निजी कंपनी में सीनियर अकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत राघव पिता श्रीराम राजपूत ने वर्ष 2021 से 2022 के दौरान कंपनी के खातों से वेंडरों को भुगतान करने के बजाय राशि अपने बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी, जिससे कंपनी को लगभग दो करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।
कंपनी की ऑडिट टीम द्वारा अनियमितता सामने आने के बाद प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई और कंपनी के विधिक सलाहकार द्वारा पीथमपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से कंपनी का लैपटॉप, मोबाइल तथा बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए। मामले में कंपनी के कर्मचारियों और बैंक अधिकारियों सहित कई लोगों के बयान भी दर्ज किए गए।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ने धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग और अपने निजी बैंक खातों में किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 17 साक्षियों के बयान और 88 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास के साथ एक करोड़ 97 लाख 73 हजार 717 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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