धार , जनवरी 29 -- मध्यप्रदेश के धार जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रियंक मिश्रा ने बड़ी कार्रवाई की है। विभिन्न गंभीर अपराधों में संलिप्त 10 आरोपियों को तत्काल प्रभाव से जिला बदर करने के आदेश जारी किए गए हैं।

जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अपराध की प्रकृति और संलिप्तता के आधार पर आरोपियों को अलग-अलग अवधि के लिए निष्कासित किया गया है। विज्जु उर्फ विजय निवासी डिस्टलरी रोड, समीर उर्फ कालिया निवासी धरमपुरी, राज वसुनिया निवासी धार तथा इसरार उर्फ अमीन निवासी धार को एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया है। वहीं अनसिंह उर्फ अनवर उमरबन को छह माह के लिए निष्कासित किया गया है।

इसके अलावा मोईनलाला, फिरोज खान और गोपाल जादव (तीनों धार कोतवाली क्षेत्र) तथा लक्ष्मीनारायण उर्फ गंगाराम चौधरी निवासी सरदारपुर को तीन माह के लिए जिला बदर किया गया है। उमेश उर्फ कालू निवासी पीथमपुर को एक माह के लिए जिले से निष्कासित किया गया है।

कलेक्टर मिश्रा के सख्त निर्देशों के अनुसार, इन सभी आरोपियों को धार जिले सहित आसपास के सीमावर्ती जिलों इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन एवं अलीराजपुर की राजस्व सीमाओं से बाहर रहना होगा। आदेश की अवधि के दौरान बिना जिला दण्डाधिकारी धार की लिखित अनुमति के इन क्षेत्रों में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

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