धार , जनवरी 22 -- मध्यप्रदेश के धार जिले में कल से शुरु होने वाले पांच दिवसीय बसंत पंचमी के पर्व के पहले शासन-प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली है।
कल शुक्रवार होने के कारण शहर पूरी तरह छावनी में बदल गया है। प्रशासनिक अमले ने विशेष सुरक्षा रणनीति तैयार की है। भोजशाला और उसके आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, ताकि शांति और व्यवस्था बनी रहे।
सूत्रों के अनुसार कुल 22 पुलिस सेवा अधिकारी कानून व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सभी पुलिस अधिकारी धार पहुंच चुके हैं, पुलिसकर्मियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसको ध्यान में रखते हुए चार पहिया वाहन सहित बसें 500 अधिग्रहित की जा चुकी है। भोजशाला के मुख्य द्वार पर सीआरपीएफ की कंपनियों को तैनात किया जाएगा, कंपनी की आठ यूनिट धार पहुंच चुकी है। जिनके साथ अश्वारोही दल की एक टीम भी सुबह से ही मौजूद रहेगी। सभी पुलिस जवानों को भोजशाला प्रांगण में ही ड्यूटी समझाइश जाएगी।
इसके पहले कल इंदौर आईजी अनुराग सिंह ने भोजशाला पहुंचकर अब तक की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के "कन्ट्रोल" रुम भी पहुंचे, संवेदनशील क्षेत्रों लगाए कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। वहीं शहर में ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है। सीआरपीएफ की आईजी नीतू भट्टाचार्य भी अपनी टीम को लेकर पहुंची व भोजशाला सहित पूरे परिसर का निरीक्षण किया था।
भोजशाला सहित शहर को 6 सेक्टरों में बांटा गया है। एडीशनल एसपी, डीएसपी रैंक के कुल 65 अधिकारी इन सेक्टरों में प्रभारी के रुप में ड्यूटी करेंगे। नगर के हर चौराहे पर पुलिसबल सुबह 6 बजे से ही तैनात रहेगा। इसके बावजूद अगर किसी भी प्रकार की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को मिलती हैं, तो महज 3 मिनट में संबंधित इलाके में बडी संख्या में पुलिसबल पहुंच जाएगा। शहर के बाहरी हिस्से में पुलिस मोबाइल वाहन, संकरी गलियों में बाइक पुलिस टीम सहित पैदल जवान सतत निगरानी रखेंगे। शहर में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख नाकों पर अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। यहां तैनात जवान शहर में आने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की सघन चेकिंग कर रहे हैं। पुलिस के मोबाइल वाहन भी पूरे शहर में लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि सुरक्षा घेरा मजबूत बना रहे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए भोजशाला के मुख्य प्रवेश मार्ग पर जिगजैग बैरिकेडिंग की गई है। श्रद्धालुओं को कई राउंड घूमने के बाद परिसर के भीतर प्रवेश मिलेगा। दर्शन के लिए आने व जाने के दो अलग-अलग मार्ग तैयार किए गए है। इसके अतिरिक्त, परिसर के पिछले हिस्से यानी विक्रम नगर गेट से लकड़ी पीठे तक लोहे की चादरों की एक ऊंची और मजबूत दीवार खड़ी की गई है। निगरानी के लिए ऊंचे वॉच टॉवर बनाए गए हैं, जहां से पुलिस जवान दूर तक नजर रख सकेंगे।
धार के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुलिसबल तैनात किया गया है। पिछले कुछ सालों में कुक्षी, बाग, दिग्ठान, टांडा, धरमपुरी से लेकर मनावर में कई मर्तबा घटनाएं हो चुकी हैं, ऐसे में शहर के साथ प्रशासन जिले में भी पैनी नजर बनाए रखेगा। जिले के सात अनुभाग में 1200 का बल थानों तक पहुंच चुका हैं, स्थानीय पुलिस अधिकारियों से समन्वय बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। मनावर व धरमपुरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में 100 से लेकर 150 का पुलिसबल लॉ-एंड-ऑर्डर के लिए मौजूद रहेगा।
मध्यप्रदेश की अयोध्या कही जाने वाली धार में प्रदेश के हर इलाके से पुलिसबल आया है। धार में टीकमगढ़, दतिया, ग्वालियर, श्यौपुर, भिंड, रीवा, मुरैना, अशोकनगर, सीहोर, सतना, पन्नार, भोपाल, दमोह जैसे जिलों से पुलिस जवान आए है। सीआरपीएफ की आठ कंपनी, आरपीएफ की 9 कंपनी, जिला पुलिसबल के सात हजार जवान, 500 का महिला पुलिसबल सहित यातायात विभाग की एक टीम भी धार पहुंच चुकी है। इसके साथ ही वाटर केनन वाहन, वज्र वाहन, फायर बिग्रेड सहित एंबुलेंस भी राऊ टॉकीज परिसर में तैनात की गई है।
शुक्रवार को किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था बिगड़ने पर संबंधितों को समय पर उपचार मिल सके, इसको लेकर भी प्रशासन ने अपनी और से तैयारियां की है। मेडिकल विभाग की दो टीमें भोजशाला में रहेगी। साथ ही भोज कन्या स्कूल के समीप चार बेड का एक रुम तैयार किया गया हैं, जहां पर इमरजेंसी सेवा के रुप में डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी। जिला अस्पताल में एक वार्ड को आरक्षित करने के साथ ही 20 बेड की आपात व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई हैं, इसके साथ ही शहर के दो प्रमुख निजी अस्पताल भी स्वास्य्व्य विभाग के संपर्क में रहेंगे।
इसी बीच सुरक्षा के मद्देनजर बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) ने भोजशाला परिसर के कोने-कोने की सूक्ष्मता से जांच की। टीम ने आधुनिक उपकरणों के माध्यम से पूरे परिसर को खंगाला। सघन तलाशी के बाद टीम ने परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया है और वहां कोई भी संदिग्ध वस्तु या सामग्री नहीं पाई गई। बसंत पंचमी पर भारी भीड़ और कानून-व्यवस्था को देखते हुए एसडीएम राहुल गुप्ता ने आदेश जारी किए हैं। 18 जनवरी से 27 जनवरी तक शहर की सभी होटलों और धर्मशालाओं में नई बुकिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। उत्सव के दौरान हजारों की संख्या में बाहर से आने वाले पुलिस बल के ठहरने के लिए कमरों को आरक्षित किया गया है जो लोग पहले से होटलों में ठहरे हुए हैं, उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होगी।
धार स्थित भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के निर्देशों के अनुसार बसंत पंचमी पर शुक्रवार होने की स्थिति में सुबह से दोपहर एक बजे तक सरस्वती पूजा, दोपहर एक से तीन नमाज और उसके बाद फिर से सरस्वती पूजा की जाती है। इस बार भी बसंत पंचमी पर शुक्रवार होने के कारण यही व्यवस्था संभावित थी। हालांकि हिंदूवादी संगठनों ने बसंत पंचमी पर पूरे दिन पूजा की अनुमति को लेकर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। न्यायालय में आज इस विषय पर सुनवाई होनी है।
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