हैदराबाद , दिसंबर 31 -- तेलंगाना पुलिस ने लोकप्रिय यूट्यूबर अन्वेश के खिलाफ कथित रूप से धार्मिक भावनाएं आहत करने के लिये मामला दर्ज किया है।

यह मामला मंगलवार को फिल्म अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता कराटे कल्याणी की ओर से की गयी शिकायत के बाद दर्ज किया गया।

अन्वेश पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो ऑनलाइन अश्लील सामग्री प्रकाशित करने या प्रसारित करने से संबंधित है।

पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जांच के हिस्से के रूप में उनका बयान दर्ज करने के लिए जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब अन्वेश ने तेलुगु अभिनेता शिवाजी द्वारा अभिनेत्रियों के पहनावे के बारे में हाल ही में की गयी टिप्पणियों की आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया। वीडियो में अन्वेश की कुछ टिप्पणियों को पूजनीय हस्तियों का अपमान माना गया, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया। कई धार्मिक संगठनों ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में यूट्यूबर के पुतले जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और विभिन्न स्थानों पर उसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराईं।

कुछ समूहों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिसमें उसे राष्ट्र-विरोधी घोषित करना और उसे भारत वापस लाने के लिए कदम उठाने की मांग शामिल है। पुलिस ने पुष्टि की है कि जांच जारी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर आरोप साबित होते हैं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अन्वेश के मामले से जुड़ा वीडियो अपलोड करने के बाद चैनल "ना अन्वेषणा" के बुधवार तक लगभग 1.5 लाख सब्सक्राइबर कम हो गए हैं। चैनल के सब्सक्राइबर अप्रैल में 2.47 मिलियन से घटकर दिसंबर में 2.27 मिलियन हो गए।

उल्लेखनीय है कि साइबराबाद साइबर अपराध पुलिस ने पहले भी प्रपंच यात्रीकुडु के नाम से लोकप्रिय हुए यूट्यूबर अन्वेश के खिलाफ ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में पूर्व तेलंगाना डीजीपी जितेंद्र और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए मामला दर्ज किया था।

यह शिकायत मई में एक कांस्टेबल ने दर्ज कराई थी, जो अपने आधिकारिक कर्तव्यों के हिस्से के रूप में सोशल मीडिया की निगरानी कर रहा था। जब उसे अपने चैनल पर "तेलंगाना डीजीपी मेट्रो घोटाला, 300 करोड़ लूटे" शीर्षक वाला एक वीडियो मिला, तो उसने शिकायत दर्ज करने का फैसला किया। वीडियो के थंबनेल में डीजीपी की तस्वीर थी और कथित तौर पर कई निराधार और भड़काऊ आरोप लगाए गए थे।

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