पिथोरागढ़/नैनीताल , अक्टूबर 29 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में पिथौरागढ़ में आयोजित सहकारिता मेले का शुभारंभ करते हुए जिले की 85.14 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता की परंपरा भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है। यह एक-दूसरे को परस्पर सहयोग से स्वावलंबी बनाने का प्रयास है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है ताकि वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देकर सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
उन्होंने कहा कि देश में "सहकार से समृद्धि" के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने देश में एक अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन का निर्णय लिया। आज श्री अमित शाह के नेतृत्व में यह मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य उत्तराखंड से प्रारंभ हुआ था और प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। राज्य की 24 समितियाँ जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं, जिनसे ग्रामीण जनता को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ मिल रही हैं। 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य की 3838 समितियों का डाटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड हो चुका है। राज्य में फरवरी 2023 से अब तक 800 नई पैक्स, 248 नई डेयरी समितियाँ एवं 116 मत्स्य समितियाँ गठित की गई हैं।
उत्तराखंड सहकारी संघ द्वारा मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को अधिक लाभ पहुँचाने के लिए इस वर्ष मंडुवा की खरीद 48.86 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत किसानों और स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मछली पालन और फूलों की खेती जैसे कृषि कार्यों हेतु पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से लघु एवं सीमांत किसानों को एक लाख रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमा पूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। सहकारी समितियों के माध्यम से महिला उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रदेश की 1.70 लाख से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।
उन्होंने आगे कहा कि पिथौरागढ़ के विकास के लिए उनकी सरकार अनेक योजना संचालित कर रही है। 750 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज भवन, 34 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में मल्टीपर्पज हॉल के निर्माण के साथ ही बेरीनाग में एक भव्य स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है।
इसी प्रकार अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण भी कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य गतिमान है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ने का कार्य किया गया है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा, विधायक भी मौजूद रहे।
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