देहरादून , मार्च 30 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में डॉ जितेन ठाकुर को प्रदेश के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान ''उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान'' से सम्मानित किया है।
श्री धामी ने उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह-2025 में पांच विद्वानों को ''उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार'', आठ साहित्य नारी वंदन सम्मान और विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यकारों एवं ''युवा कलमकार प्रतियोगिता'' के विजेताओं को भी सम्मानित किया।
श्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक केवल शब्दों के निर्माता नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन और उत्तराखंड राज्य निर्माण में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने इसे गर्व का विषय बताया कि उन्हें प्रदेश के महान साहित्यकारों को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि ''उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान'' से सम्मानित डॉ. जितेन ठाकुर न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी रचनात्मकता के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
श्री धामी ने यह भी उल्लेख किया कि ''उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान'' समारोह प्रदेश की साहित्यिक परंपरा, रचनात्मक चेतना और साहित्यकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सदियों से ज्ञान, संस्कृति और सृजन का केंद्र रही है, जहां हिमालय, गंगा और प्राकृतिक सौंदर्य ने अनेक लेखकों और कवियों को प्रेरित किया है। सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत ''शिवानी'' मोहन उप्रेती और शैलेश मटियानी जैसे साहित्यकारों ने इस धरा को गौरवान्वित किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य में दो ''साहित्य ग्राम'' स्थापित किए जा रहे हैं, जहां साहित्यकारों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है और साहित्यिक धरोहर को पुनर्स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने प्रदेश के साहित्यकारों से आह्वान किया कि वे अपनी रचनाओं के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाएं तथा समाज को दिशा देने का कार्य निरंतर करते रहेंगें।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, खजान दास, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में विद्वान, लेखक, साहित्यकार, पत्रकार एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित