रानीखेत , दिसंबर 22 -- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" अभियान के तहत सोमवार को अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत में बहुद्देश्यीय शिविर में प्रतिभाग करते हुए जिले की लगभग 77.25 करोड़ रुपये लागत की 32 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

शिविर में पात्र लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। श्री धामी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" अभियान शुरू कर शासन-प्रशासन को सीधे आमजन के बीच ले जाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने जनता से शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याओं को निःसंकोच रखें ताकि शासन-प्रशासन उन्हें शीघ्र और प्रभावी ढंग से सुलझा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सुदूर पर्वतीय गांवों तक ढांचागत विकास को को मजबूत किया जा रहा है। सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ों से पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु ठोस कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रतिबद्ध प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

श्री धामी ने कहा कि सरकार ने राज्य में मातृशक्ति के कल्याण के लिए भी समर्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 17 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भवानी देवी पेयजल योजना तथा पांच करोड़ रुपये की लागत से भतरौजखान रामगंगा पम्पिंग पेयजल योजना का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने ग्वाल देवता मंदिर में पहुंच कर दर्शन एवं पूजा अर्चना की। साथ ही ताड़ीखेत सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों से बच्चों से संवाद भी किया।

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