चंडीगढ़ , फरवरी 28 -- हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष एवं हरियाणा कान्फेड के पूर्व अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने धान खरीद में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा है कि व्यापारी एवं किसानों से बातचीत के बाद विधानसभा में भी धान घोटाले को लेकर चर्चा हुई है।

श्री गर्ग ने कहा कि यह प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा करोड़ों- अरबों रुपये का घोटाला है, जो प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में 53 लाख 98 हजार टन धान की खरीद हुई थी, जबकि 2025-26 में यह बढ़कर 62 लाख 13 हजार टन हो गयी।

उन्होंने कहा कि भारी बारिश और बाढ़ के कारण लगभग 35 प्रतिशत फसल खराब होने के बावजूद नौ लाख 15 हजार टन अधिक खरीद होना संदेह पैदा करता है उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी गेट पास और फर्जी बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया। पिछले वर्ष भी धान घोटाले की प्राथमिकी दर्ज हुई थी, लेकिन अब तक दोषियों की गिरफ्तारी और रकम की वसूली नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश इस मामले की जांच कराई जाये।

श्री गर्ग ने कहा कि धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2389 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि किसानों से 1500 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीद की गयी। साथ ही उत्तर प्रदेश और बिहार से घटिया धान खरीदकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया, जो किसानों के साथ धोखा है।

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