सक्ती , दिसंबर 30 -- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड में धान बिक्री को लेकर किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण कई किसानों की धान वाली कृषि भूमि को अन्य फसल के नाम पर भौतिक सत्यापन कर दिया गया है, जिससे उनकी धान खरीदी प्रभावित हो रही है।
किसानों ने बताया कि कुछ किसानों के पूरे पांच एकड़ तक के रकबे को अन्य फसल दर्शाया गया है, वहीं अनेक छोटे किसानों का अधूरा रकबा धान खरीदी पोर्टल में दर्ज किया गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर गबेल समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता लालू गबेल के नेतृत्व में पीड़ित किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) राजस्व मालखरौदा को जिलाधीश के नाम आज ज्ञापन सौंपा।
किसानों का आरोप है कि वे लंबे समय से लिखित आवेदन देकर अपनी समस्या से स्थानीय प्रशासन को अवगत कराते आ रहे हैं लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उल्टे अधिकारियों द्वारा किसानों से दुर्व्यवहार किए जाने और उनकी समस्याओं को फर्जी बताने के आरोप भी लगाए गए हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बड़े किसानों को धान खरीदी सीमा कम होने के कारण तीन बार टोकन मिलने के बावजूद पूरा धान बेचने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। वहीं धान खरीदी केंद्रों में निर्धारित मापदंड से अधिक तौल किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
पीड़ित किसानों ने गिरदावरी एवं भौतिक सत्यापन में हुई लापरवाही को शासन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए त्वरित सुधार की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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