एमसीबी , दिसंबर 17 -- छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले ने धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और किसान-हितैषी सुशासन का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिला इस वर्ष प्रदेश के अग्रणी धान खरीदी जिलों में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

जिले के सभी 25 उपार्जन केंद्रों पर धान खरीदी कार्य पूरी तरह सुचारू, व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संचालित किया जा रहा है।

किसानों की बढ़ती सहभागिता यह दर्शाती है कि शासन की नीतियों पर उनका विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की सीमा तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य का निर्णय किसानों के लिए आर्थिक संबल सिद्ध हो रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

जिला जनसंपर्क अधिकारी से बुधवार को मिली जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष किसान पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अधिया-रेगहा किसान, वन अधिकार पट्टाधारी तथा डूबान क्षेत्र के किसानों को दी गई एग्रीस्टेक छूट से वंचित वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई है, जिससे कोई भी पात्र किसान योजना लाभ से बाहर नहीं रहा। वहीं "तुहर टोकन 24x7" व्यवस्था ने किसानों को अपनी सुविधा अनुसार तिथि चयन का अवसर दिया, जिससे उपार्जन केंद्रों पर भीड़ कम हुई और व्यवस्था सुचारू बनी।

डिजिटल प्रणाली के अंतर्गत फोटो अपलोड सत्यापन, इलेक्ट्रॉनिक तौल और सीधे बैंक खातों में त्वरित भुगतान से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही। सोमवार को जिले के 25 उपार्जन केंद्रों में कुल 310 टोकनों के माध्यम से 1464.72 टन धान की खरीदी दर्ज की गई। केल्हारी उपार्जन केंद्र ने 24 टोकनों से 100.08 टन धान खरीदी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। कोड़ा, माड़ीसरई, सिंगरौली, जनकपुर, कुंवारपुर, खड़गवां, कौड़ीमार और डोड़की सहित अन्य केंद्रों पर भी उल्लेखनीय खरीदी हुई।

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