बैतूल , दिसंबर 28 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पंजीयन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच के दौरान सिकमी (बटाई) पर खेती करने वाले किसानों के पंजीयन में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने 431 पंजीयन निरस्त कर दिए हैं। अब इन किसानों से धान की खरीदी नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि जिले में धान खरीदी के लिए कुल 9100 किसानों ने पंजीयन कराया था, जिनमें 834 किसान सिकमी श्रेणी के थे। तहसीलदारों और एसडीएम द्वारा की गई गहन जांच में केवल 403 किसानों के पंजीयन सही पाए गए, जबकि 431 किसानों के दस्तावेज असत्यापित पाए जाने पर निरस्त कर दिए गए।
जांच के दौरान जिन भूमि पर सिकमी दर्शाई गई थी, उन जमीन मालिकों के बयान दर्ज किए गए। कई मामलों में जमीन मालिकों ने सिकमी या बटाई पर भूमि देने से इनकार किया। वहीं जिन किसानों ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए या पंजीयन पर सहमति नहीं दी, उनके पंजीयन भी निरस्त कर दिए गए। सबसे अधिक फर्जी पंजीयन घोड़ाडोंगरी विकासखंड में सामने आए।
इस सीजन में जिले में 20 धान खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं। अब तक 4,062 किसानों से 2 लाख 80 हजार 78 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। हालांकि 431 असत्यापित किसानों को खरीदी प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है।
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