नयी दिल्ली , दिसंबर 12 -- लोकसभा में सोमवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि से धान की फसल के नष्ट हो जाने का मुद्दा उठाया गया और पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग की गयी।

समाजवादी पार्टी (सपा) के दरोगा प्रसाद सरोज ने शून्य काल में कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि से धान की फसल को व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। धान की जो कुछ फसल बच भी गयी थी, उसे सैनिक नामक कीट ने बड़ी क्षति पहुंचायी। उन्होंने पीड़ित किसानों को समुचित मुआवजा देने की मांग की।

सपा के ही छोटे लाल ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में दलितों और आदिवासियों को उनकी वन भूमि से बेदखल किये जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्षाें से काबिज लोगों को प्रशासन की ओर से भूमि के स्वामित्व संबंधी 75 वर्ष पुराने कागजात दिखाने को कहा जा रहा है। उनसे भूमि खाली करने की चेतावनी देते हुए कहा जा रहा है कि ऐसा न करने पर उन्हें बेदखल करने और उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने दलितों और आदिवासियों को वन अधिकार अधिनियम के तहत भूमि आवंटित किये जाने की मांग की।

कांग्रेस के तनुज पुनिया ने बाराबंकी जिले में ताईवानी खरबूजे के बीज को लेकर किसानों को आ रही दिक्कतों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि नकली बीज के कारण कृषकों की खरबूजे की फसलें खराब हो रही हैं। एक लाख छह हजार रुपये प्रति किलोग्राम मिलने वाला खरबूजे के बीज की कीमत काला बाजार में दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गयी है। पिछले वर्ष वायरस के प्रकोप के कारण खरबूजे की पूरी की पूरी फसल नष्ट हो गयी जिससे किसानों को बहुत नुकसान पहुंचा।

श्री पुनिया ने खरबूजे और तरबूज के बीजों को उचित दर पर मिलने के प्रबंध किये जाने और इन दोनों फसलों को फसल बीमा के दायरे में लाने की सरकार से मांग की।

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