पटना , दिसंबर 16 -- बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने मंगलवार को कहा कि धान अधिप्राप्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
मंत्री डॉ. कुमार ने खरीफ विपणन मौसम 2025-26 अंतर्गत धान अधिप्राप्ति की विस्तृत समीक्षा करते हुए धान अधिप्राप्ति कार्य में तेजी लाने के लिए निदेश दिये। उन्होने कहा कि धान अधिप्राप्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
मंत्री डॉ. कुमार ने सभी जिलों में क्रय केन्द्रों को नियमित रूप से संचालित रखने, किसानों से धान क्रय कर उनके खाते में 48 घंटों के अंदर राशि का भुगतान हर-हालत में सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में इस वर्ष कुल निर्धारित 36.85 लाख मे.टन धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य को जिलावार आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये विभागीय स्तर पर दैनिक प्रगति की समीक्षा, तथा जिन जिलों में अधिप्राप्ति कार्य की प्रगति संतोषजनक न हो वहां त्वरित कार्रवाई कर अधिप्राप्ति कार्य में तेजी लाने का निदेश दिया कि हर हाल में धान अधिप्राप्ति का शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि धान अधिप्राप्ति कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही पाये जाने पर संबंधित समितियों एवं पदाधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
समीक्षा के क्रम में बताया गया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष बेहतर तरीके से धान अधिप्राप्ति कार्यक्रम क्रियान्वित की जा रही है। आज तक कुल क्रियाशील समितियों (पैक्स/व्यापार मंडल) की संख्या 6061 है जिसके माध्यम से धान अधिप्राप्ति की जा रही है, जबकि पिछले वर्ष आज तक कुल क्रियाशील समितियों की संख्या 5403 थी, गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 658 अधिक समितियों को किसानों से धान क्रय करने के लिये सक्रिय किया जा चुका है।
गत् वर्ष इस अवधि तक 39370 किसानों से धान की अधिप्राप्ति की गयी थी, जबकि इस वर्ष आज तक 53827 किसानों से धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है जो कि पिछले वर्ष के अधिप्राप्ति में संलग्न किसानों की तुलना में 14457 अधिक है।
गत् वर्ष इस अवधि तक कुल 3.27 लाख मे.टन धान की खरीदारी की गयी थी, जबकि इस वर्ष अब तक 3.98 लाख मे.टन धान की खरीदारी की जा चुकी है जो कि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 70 हजार मे.टन अधिक है। इस अवधि तक पिछले वर्ष कुल 28864 किसानों का धान अधिप्राप्ति के बाद सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य का खाते में भुगतान हो पाया था, जबकि अभी तक कुल 33767 किसानों के खाते में न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान हो चुका है जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 9903 अधिक हैं।
किसानों की सुविधा के लिए गत् वर्ष निबंधित एवं धान बेचने के लिये आवेदक किसानों को इस वर्ष भी धान अधिप्राप्ति के लिये विभाग द्वारा मान्य कर दिया गया है। साथ ही किसानों को धान बिक्री के लिये अग्रिम बुकिंग की ऑनलाइन सुविधा प्रदान की गयी है। किसानों को धान अधिप्राप्ति के बाद प्राप्ति रसीद उपलब्ध कराई जाती है तथा इसकी सूचना एसएमएस के माध्यम से भेजी जा रही है, जिसमें उनके द्वारा अधिप्राप्त की गई धान की मात्रा, मूल्य, राशि का विवरण होता है।
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