लखनऊ , फरवरी 12 -- भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव 2026 के दौरान आईआईएम लखनऊ में एआई आधारित नए शैक्षणिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत नैतिक और जिम्मेदार एआई के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एआई को प्रबंधन शिक्षा, नवाचार और समाजोपयोगी कार्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। भारत की विशाल युवा शक्ति स्वदेशी एआई मॉडल विकसित कर वैश्विक स्तर पर योगदान दे सकती है।

आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रो. एम. पी. गुप्ता ने बताया कि ये कार्यक्रम प्रबंधन विशेषज्ञता और तकनीकी दक्षता का समन्वय प्रस्तुत करेंगे। इनका उद्देश्य तकनीकी नवाचार को व्यावसायिक रूप से उपयोगी बनाना और 'विकसित भारत@2047' के लक्ष्य को गति देना है।

उन्होंने बताया कि संस्थान तीन प्रमुख पाठ्यक्रम शुरू करेगा, जिनमे चार वर्षीय बीएस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड बिजनेस एनालिटिक्स, दो वर्षीय टेक एमबीए, तथा पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएस टेक एमबीए शामिल है। वहीं बीएस कार्यक्रम 2026-27 सत्र से प्रारंभ होगा, जबकि टेक एमबीए 2027-28 से शुरू किया जाएगा।

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