धार , दिसंबर 22 -- धार जिले की सरदारपुर तहसील क्षेत्र में जनजाति इलाकों में कथित अवैध धर्मांतरण कार्यक्रमों पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर सोमवार को समग्र हिंदू समाज के लोगों ने संतों के साथ रैली निकालकर एसडीओपी सरदारपुर विश्वदीप सिंह परिहार को ज्ञापन सौंपा। रैली के माध्यम से समाजजनों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सरदारपुर तहसील के जनजाति क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चालनीमाता, अमझर, सिरोदा, उटावा, आमलिया सहित आसपास के ग्राम-मजरों और संजय कॉलोनी राजगढ़ में ईसाई मिशनरियों द्वारा भोले-भाले जनजातीय लोगों को प्रलोभन देकर, बीमारियों और प्राकृतिक आपदाओं का भय दिखाकर धर्मांतरण कार्यक्रम किए जा रहे हैं। बताया गया कि यह गतिविधियां पेसा एक्ट लागू होने के बावजूद ग्राम समिति की अनुमति के बिना संचालित की जा रही हैं।

समाजजनों का आरोप है कि प्रकृति पूजक और सनातन धर्म में आस्था रखने वाले जनजातीय समाज को उनके परंपरागत देवताओं का अपमान करने के लिए प्रेरित किया जाता है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। ज्ञापन में कहा गया कि हर वर्ष क्रिसमस के आसपास इन गांवों में धर्मांतरण की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिनका जनजातीय समाज द्वारा पूर्व में भी विरोध किया गया है और शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया था।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस वर्ष एक बार फिर क्रिसमस के अवसर पर इन्हीं गांवों और आसपास के मजरों में धर्मांतरण कार्यक्रम रचे जाने की आशंका है, जिससे जनजातीय समाज में आक्रोश फैल सकता है और सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती है। समाजजनों ने आरोप लगाया कि बीते वर्ष 2024 में संजय कॉलोनी में ईसाई मिशनरियों द्वारा जनजातीय लोगों के साथ झगड़ा, मारपीट और जानलेवा हमला भी किया गया था।

समग्र हिंदू समाज ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे धर्मांतरण कार्यक्रमों पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सामाजिक सौहार्द बना रहे। ज्ञापन का वाचन प्रकाश बारिया ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन और संत मौजूद रहे।

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