कुम्भलगढ़ , फरवरी 14 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और बेहतर पर्यटक सुविधा केन्द्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि धरोहर संरक्षण संग पर्यटन विस्तार की रणनीति तैयार की जा रही है।

श्री शेखावत शनिवार को राजस्थान में कुम्भलगढ़ और चित्तौड़गढ़ दुर्ग के संरक्षण, विकास कार्यों और समस्याओं के समाधान को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, ईज ऑफ ट्रैवल, पार्किंग, ई-कार्ट सहित अन्य कार्यों को लेकर निर्देश दिए। शेखावत ने कहा कि कुम्भलगढ़ आने वाला प्रत्येक टूरिस्ट दुर्ग तक पहुंचे, दुर्ग तक पर्यटकों की पहुंच आसान हो, ई-कार्ट चलाएं और पार्किंग की समस्या का स्थाई समाधान करें, यह हमारा दायित्व है।

उन्होंने दुर्ग पर डिजिटल जानकारी के लिए क्यूआर कोड और स्पष्ट साइनेज लगाने को कहा। उन्होंने बताया कि पर्यटन बढ़ाने के लिए पपेट शो, लोक संगीत और हेरिटेज वॉक शुरू करने की योजना बनी है। उन्होंने चित्तौड़गढ़ दुर्ग में ट्रैफिक जाम और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और बेहतर पर्यटक सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने ईज ऑफ ट्रैवल और ई-कार्ट संचालन के निर्देश दिए और दुर्ग पार्किंग समस्या के स्थाई समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सूरज पोल पाथवे और पद्मिनी पैलेस कार्य तेज होंगे। क्यूआर कोड से ऐतिहासिक जानकारी ऑनलाइन होगी। धरोहर संरक्षण संग पर्यटन विस्तार की रणनीति तैयार की जा रही है। बैठक में राजसमंद जिला कलेक्टर अरुण हसीजा, चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर आलोक रंजन तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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