देहरादून , दिसंबर 04 -- उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में गुरुवार को धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र पहुंचा।

श्री गोदियाल ने वहां से एक वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया कि हमारे पहुंचने से पहले आशंका के अनुरूप सरकार ने धराली मे इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के यहां आने से पहले हालांकि इंटरनेट सेवाएं बहाल थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने धराली के स्थलीय निरीक्षण से पूर्व आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए कुछ मिनटों के मौन के रूप में प्रभु से प्रार्थना की। इसके बाद कांग्रेस जनों ने वहां पीड़ित लोगों से मिलकर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का काम है कि इस जगह को पूर्व की स्थिति में लाने का प्रयास करे लेकिन जो सरकार मलबे मे दबे लोगों के शवों को निकालने का प्रयास नहीं कर पा रही है। वह सरकार इस जगह की स्थिति को पूर्व की भांति कैसे ला पाएगी। सरकार का यह कहना कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को क्षतिपूर्ति नहीं दी जाएगी, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

सरकार को पता होना चाहिए कि आपदा से पहले जब यहां व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे थे, उस समय उन प्रतिष्ठानों में रुकने वाले यात्रियों ने अवश्य टैक्स चुकाया होगा। टैक्स के रूप में इन प्रतिष्ठानों ने देश की जीडीपी में अपना योगदान भी दिया होगा, तब सरकार का फर्ज बनता है कि इस विपत्ति के समय ऐसे प्रतिष्ठानों की रक्षा करते हुए मदद करे।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ में जब इसी तरह आपदा आई थी, उस समय की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने होटल ढाबे, प्रतिष्ठान चलाने वालों को आपदा में हुए नुकसान का स्व आंकलन करने का निर्णय लिया था। उनकी तरफ से सरकार को त्रासदी में हुए नुकसान का आकलन करके राज्य सरकार को एफिडेविट दिया गया ,जिसके बाद सरकार ने वहां देवीय आपदा में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति की थी।

श्री गोदियाल ने कहा इसी तरह धराली आपदा भी उसी श्रेणी मे आती है। यहां जिन लोगों का भी व्यवसायिक नुकसान हुआ है, उनसे एफिडेविट लेकर मोटा आकलन करते हुए क्षतिपूर्ति दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुख्यमंत्री राहत कोष का इस्तेमाल अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए कर रही है।

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