बहराइच , फरवरी 15 -- उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले के मिहींपुरवा ब्लॉक स्थित मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक को एएनएम और आशा बहुओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार एवं अवैध धन उगाही के आरोपों के बाद पद से हटा दिया गया है। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर सात दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार को सैकड़ों एएनएम और आशा बहुओं ने सीएचसी परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. थानेदार पर अभद्रता और अशोभनीय हरकत का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की। एएनएम ऋषु ने नारेबाजी के बीच शिकायती पत्र सौंपते हुए अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए। अन्य महिला कर्मियों ने समय से वेतन न मिलने, वेतन में कथित कटौती तथा धन उगाही जैसे आरोप भी लगाए।
धरने के बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं मिहींपुरवा चौराहे पर पहुंचीं और मिहींपुरवा-कतर्नियाघाट हाईवे जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले जाम के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मोतीपुर पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
उधर, आरोपों को सीएचसी अधीक्षक डॉ. थानेदार ने सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश बताया और कहा कि कुछ कर्मचारियों द्वारा भ्रामक माहौल बनाकर शिकायत कराई गई है।
इस बीच, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षक को पद से हटाकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही अपर जिलाधिकारी अमित कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा तथा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेश कुमार गौतम की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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