रांची , दिसम्बर 13 -- झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने धनबाद जिले के केंदुआडीह क्षेत्र में जारी गैस रिसाव की गंभीर समस्या को लेकर शनिवार को प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया।

उनके साथ प्रभारी डीजीपी तदास मिश्रा, बीसीसीएल के सीएमडी, धनबाद उपायुक्त, एसएसपी समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और आशंकाएं सुनीं।

निरीक्षण के दौरान श्री कुमार ने कहा कि गैस रिसाव की घटना पर पूरी तरह नियंत्रण पाना एक बड़ी चुनौती है। यह प्राकृतिक कारणों से भी जुड़ी हो सकती है, इसलिए विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर हर पहलू का गहन अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्थिति की पल-पल निगरानी की जा रही है। ग्रामीण वर्षों से यहां रह रहे हैं और क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को वे बेहतर समझते हैं, ऐसे में उनकी सहभागिता के बिना स्थायी समाधान संभव नहीं है।

मुख्य सचिव श्री कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा है। गैस रिसाव को रोकने और लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाने को लेकर आकलन किया जा रहा है। इस दिशा में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, बीसीसीएल प्रबंधन और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय विधायक, सांसद, अन्य जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से लगातार बातचीत कर समाधान की दिशा तय की जाएगी। राज्य और केंद्र, दोनों सरकारें इस घटना को लेकर गंभीर हैं।

केंदुआडीह में मुख्य सचिव ने लोगों से संवाद भी किया और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में प्रभावित परिवारों को असुरक्षित नहीं छोड़ा जाएगा।

इसके बाद मुख्य सचिव अविनाश कुमार और अन्य अधिकारियों ने बेलगड़िया टाउनशिप का भी दौरा किया। यहां गैस रिसाव से प्रभावित परिवारों को बसाने की योजना है। अधिकारियों ने टाउनशिप में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और वहां रह रहे लोगों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। मीडिया से बातचीत में मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है और लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

मौके पर धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा कि इस मुद्दे को उन्होंने विधानसभा में उठाया है और मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या के समाधान के लिए लिखित आवेदन भी सौंपा है। श्री सिन्हा ने कहा कि भले ही यह मामला केंद्र सरकार के अधीन हो, लेकिन राज्य सरकार को भी प्रभावित लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए।

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