रांची , दिसंबर 15 -- झारखंड के धनबाद जिले के केंदुआडीह के गैस प्रभावित क्षेत्र का विधायक सरयू राय ने आज दौरा किया।

इस दौरान श्री राय ने गैस रिसाव से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने राहत शिविरों का भी जायजा लिया, जहां विस्थापित परिवारों को अस्थायी रूप से रखा गया है, और वहां मौजूद सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।

दौरे के दौरान श्री राय ने कहा कि केंदुआडीह में गैस रिसाव के कारण गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है, जो लोगों के जीवन और स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। उन्होंने इस स्थिति के लिए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) प्रबंधन और खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि दोनों संस्थानों ने समय रहते गैस निकासी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके कारण हालात लगातार बिगड़ते चले गए।

श्री राय ने बताया कि केंदुआडीह क्षेत्र में वर्ष 1914 से खनन कार्य किया जा रहा है। खनन नियमों के अनुसार, भूमिगत खनन के बाद खाली खदानों में बालू भरना अनिवार्य होता है, ताकि जमीन धंसने और गैस के रिसाव की आशंका न रहे। लेकिन बीसीसीएल ने इस नियम का पालन नहीं किया। इसके बजाय केवल खदान के मुहानों पर दीवारें बना दी गईं। समय के साथ गैस का दबाव बढ़ता गया और अब स्थिति यह हो गई है कि गैस जमीन को फाड़कर बाहर निकल रही है।

श्री राय यह भी आरोप लगाया कि खदान के मुहानों पर बनी दीवारों को तोड़कर अवैध खनन किया जा रहा है, लेकिन बीसीसीएल इसे रोकने में पूरी तरह विफल रहा है। सरयू राय ने कहा कि खनन क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी डीजीएमएस की होती है, लेकिन इस मामले में उसकी भूमिका बेहद लापरवाही भरी रही है।

श्री राय ने चिंता जताई कि गैस रिसाव के बाद प्रभावित लोगों को जिन स्थानों पर बसाने की बात की जा रही है, वहां रोजगार के साधन और बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल और डीजीएमएस की गलत नीतियों और लापरवाही का खामियाजा केंदुआडीह के आम नागरिक भुगत रहे हैं। सरयू राय ने मांग की कि समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और प्रभावित लोगों को सुरक्षित, सुविधायुक्त स्थान पर पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए।

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