चेन्नई , मार्च 21 -- तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन के घटक वीसीके के संस्थापक और लोकसभा सदस्य तिरुमावलवन ने स्पष्ट किया है कि द्रमुक के साथ सीटों की साझेदारी में कोई अड़चन नहीं है।

श्री तिरुमावलवन ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में माना कि थोड़ी देर जरूर हुई है लेकिन विश्वास जताया कि सीट-शेयरिंग पर शीघ्र ही सौहार्दपूर्ण समाधान निकल जाएगा और समझौता पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।

द्रमुक ने कांग्रेस, एमडीएमके और सीपीआई जैसे प्रमुख सहयोगियों की अधिक सीटों की मांग के बावजूद उनसे समझौता कर लिया है, लेकिन इसे लेकर अटकलबाजी जारी है कि वीसीके और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) जैसे अन्य सहयोगी इस बार अधिक सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं। द्रमुक 2019 से लगातार सभी चुनावों में जीत हासिल करने वाले मजबूत बहुदलीय सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) का नेतृत्व कर रहा है और इसने विपक्षी अन्नाद्रमुक और उसके सहयोगियों को बुरी तरह हराया है।

द्रमुक ने पहले ही अपने छह सहयोगियों के साथ सीट-शेयरिंग समझौता कर लिया है और 234 विधानसभा सीटों में से 43 सीटें आवंटित कर दी हैं। इसने लंबे समय के सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और मनीथनेय मक्कल कट्ची (एमएमके) को दो-दो सीटें, मुख्य सहयोगी कांग्रेस को 28 सीटें, एमडीएमके को चार, केएमडीके को दो और सीपीआई को पांच सीटें दी हैं।

अब बाकी 191 सीटों को बांटना बाकी है और गठबंधन के अन्य घटकों जैसे वीसीके (दलित संगठन), दिवंगत अभिनेता-राजनेता विजयकांत की डीएमडीके, अभिनेता-राजनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन की एमएनएम, एक अन्य वाम पार्टी माकपा (जो अधिक सीटों की मांग पर अड़ी हुई है), तथा अन्य छोटी पार्टियों के साथ समझौता करना बाकी है।

श्री तिरुमावलवन ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि माकपा गठबंधन के हितों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएगा। उन्होंने वाम पार्टी को गठबंधन की प्रमुख ताकत बताया और कहा कि अपनी सीटों की हिस्सेदारी पर इसका ध्यान देना समझ में आता है, और उन्होंने सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने का भरोसा जताया।

श्री तिरुमावलवन ने दोहराया कि सीट-शेयरिंग वार्ताओं में कोई गतिरोध नहीं है, बल्कि कुछ देरी है। उन्होंने संकेत दिया कि द्रमुक के साथ गठबंधन मजबूती से जारी है और वीसीके संभवतः मूल मांग से कम सीटों पर मान सकता है। वीसीके द्वारा लड़ी जाने वाली सीटों की संख्या पर उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में स्पष्टता आ जाएगी।

उन्होंने कहा कि अगर वर्तमान वार्ताओं में सीट आवंटन में अस्थायी असफलता भी होती है, तो यह पार्टी के लिए लंबे समय में फायदेमंद साबित होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य के चुनावों के लिए कोई शर्त नहीं रखी गई है, हालांकि रिपोर्टों में कहा जा रहा था कि वीसीके ने भविष्य में राज्यसभा सीट मांगी है।

श्री तिरुमावलवन ने 2021 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि सामान्य निर्वाचन क्षेत्रों में वीसीके की जीत ने विशिष्ट समुदायों से परे इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाया है, और इसे समावेशी राजनीतिक आंदोलन के रूप में मजबूत किया है।

श्री टी. वेलमुरुगन की तमिलगा वाझवुरिमै काची के गठबंधन से बाहर होने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और उन्होंने उसके नेता से गठबंधन में बने रहने की अपील की है।

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