अलवर , जनवरी 23 -- राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के टपूकड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऊंट तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ये आरोपी नागौर पशु मेला से सस्ते दामों पर ऊंट खरीदकर ऊंट का वध करके मांस बेचने के लिए तस्करी करते थे और हरियाणा ले जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार ऊंट मुक्त कराए हैं और पिकअप को जप्त किया है।
भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण ने शुक्रवार को बताया कि पुलिस को सूचना मिली की ऊंट की तस्करी की जा रही है और राज्य पशु ऊंट नागौर पशु मेले से सस्ते दामों पर खरीदे गए हैं जिन्हें हरियाणा ले जाया जा रहा है। वहां उनका वध करके मांस बेचा जाता है ।
उन्होंने बताया कि इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आज ऊंटों से भरी पिकअप को हरियाणा जाने के मार्ग नाकेबंदी के दौरान पकड़ा। पिकअप की जांच की गयी तो पिकअप में चार ऊंट थे जिनके पैर और मुंह को क्रूरतापूर्वक बांधा हुआ था। पिकअप में बैठे दो व्यक्तियों से ऊंट के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने यह ऊंट चाढ़ी नागौर पशु मेले से सस्ते दामों में खरीदकर मेवात में ऊंट का वधकर मांस बेचने के लिए ले जाना बताया। जिस पर पुलिस ने चारों ऊंटों को मुक्त कराकर उनकी देखभाल के लिए गौशाला तिजारा पहुंचवाया।
पुलिस ने इस मामले में राजस्थान ऊंट अधिनियम 2015 और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ के गांव शेखपुरा निवासी मुकेश सैनी और नसीबपुर निवासी विक्रम भट्ट के रूप में हुई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित