वाराणसी , मार्च 15 -- भारतीय सनातन संस्कृति को करीब से जानने के लिए दुनिया के कोने-कोने से विदेशी सैलानी काशी पहुंचते हैं। सात समंदर पार से आने वाले इन मेहमानों को भारतीय रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होने वाले विवाह संस्कार खूब आकर्षित करते हैं। ऐसा ही एक अनूठा दृश्य शनिवार शाम अस्सी स्थित एक वाटिका में देखने को मिला, जहाँ दोस्ती की मिसाल पेश करते हुए फ्रांस से एक दर्जन से अधिक विदेशी मेहमान अपने मित्र विशाल यादव (मार्टिन) की बहन की शादी में शामिल होने पहुंचे।
शादी समारोह में पहुंचे ये सभी विदेशी मेहमान भारतीय पारंपरिक वेशभूषा साड़ी और कुर्ता-पायजामा में नजर आए। विशाल यादव के साथ इन मेहमानों की वर्षों पुरानी मित्रता है। पेशे से फ्रेंच अनुवादक (ट्रांसलेटर) विशाल को इस क्षेत्र में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव है। विशाल ने बताया, "इन सभी मित्रों की इच्छा थी कि वे एक बार काशी आकर भारतीय विवाह को करीब से देखें। जैसे ही मैंने अपनी बहन की शादी का निमंत्रण दिया, सभी तुरंत तैयार हो गए।"फ्रांस के ल्योन शहर के स्थानीय पत्रकार क्रिस्टोफ़ पूजे ने न केवल मित्र की बहन की शादी का आनंद लिया, बल्कि पेशेवर दृष्टिकोण से भी जमकर फोटोग्राफी की और भारतीय परंपराओं की जानकारी एकत्रित की। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले हर विदेशी की काशी देखने की प्रबल इच्छा होती है। उनके लिए बारात का दृश्य बेहद मनमोहक और अद्भुत था।
फ्रांस के मार्सिले शहर के लाइट डिजाइनर जेराल्ड ने बताया कि मार्टिन (विशाल) के साथ उनकी मित्रता काफी पुरानी है। उन्होंने कहा, "हम अक्सर भारत की कला-संस्कृति और काशी के उत्सवों पर चर्चा करते हैं। हमारी दोस्ती का बंधन इतना मजबूत है कि सात समंदर पार बहन की शादी में शामिल होने हम सभी यहाँ खिंचे चले आए। यहाँ आकर एक अलग ही आनंद की अनुभूति हो रही है।"वहीं, नात शहर की आयुर्वेदाचार्य और क्रिया योग विशेषज्ञ जूली ने बताया कि उनका भारत आना-जाना लगा रहता है, लेकिन उन्हें कभी भारतीय वैवाहिक उत्सव में शामिल होने का अवसर नहीं मिला था। उन्होंने कहा, "दोस्त विशाल की बहन की शादी हमारे लिए एक सुनहरा मौका साबित हुई, जहाँ हमें भारतीय परंपरा और संस्कृति को जीवंत रूप में देखने को मिला।"फ्रांस के ही फोटोग्राफर पास्कल गॉस ने भावुक होते हुए कहा कि दोस्ती में उम्र कोई मायने नहीं रखती। हम सभी विशाल से उम्र में बड़े हैं, लेकिन हमारा रिश्ता दिल से जुड़ा है और यही दुनिया के लिए सबसे बड़ा संदेश है।
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