नयी दिल्ली , फरवरी 24 -- केंद्रीय कौशल विकास ,उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय कर्मचारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (सीएसटीएआरआई) पाठ्यक्रम निर्माण, प्रशिक्षक विकास और अनुसंधान आधारित पहलों को सुदृढ़ करके देश के कौशल पारिस्थितिकी तंत्र की संस्थागत क्षमता को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

श्री चौधरी आज कोलकाता स्थित सीएसटीएआरआई का दौरा कर संस्थान के चल रहे शैक्षणिक सुधारों, पाठ्यक्रम विकास पहलों और अवसंरचना विस्तार योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान श्री चौधरी ने कहा "सीएसटीएआरआई कोलकाता पाठ्यक्रम निर्माण, प्रशिक्षक विकास और अनुसंधान आधारित पहलों को सुदृढ़ करके भारत के कौशल पारिस्थितिकी तंत्र की संस्थागत क्षमता को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जैसे-जैसे भारत प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है, हमारे संस्थानों को चुस्त, नवोन्मेषी और वैश्विक मानकों के अनुरूप बने रहना चाहिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों का एकीकरण, साथ ही बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण, भविष्य के लिए तैयार संस्थानों के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह हमारे युवाओं को सशक्त बना सकते हैं और वैश्विक कौशल राजधानी के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।"उन्होंने कहा "हमारे पाठ्यक्रम की संरचना लचीली, प्रौद्योगिकी-जागरूक और वैश्विक स्तर पर संरेखित होनी चाहिए। उद्योग की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को आवश्यकतानुसार एकीकृत करने और प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं को भविष्य के कार्यक्षेत्र के लिए तैयार करने हेतु शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) और शिल्प अनुदेशक प्रशिक्षण योजना (सीआईटीएस) पाठ्यक्रमों की आवधिक समीक्षा आवश्यक है। गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम और सामग्री विकास के साझा दृष्टिकोण के आधार पर सीएसटीएआरआई और राष्ट्रीय अनुदेशात्मक मीडिया संस्थान (निमी) के बीच संस्थागत सहयोग को मजबूत किया जाना चाहिए। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है - भारत के कौशल विकास तंत्र को अनुकूलनीय, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और भविष्योन्मुखी बनाना,"।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीएसटीएआरआई ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए अपने वार्षिक प्रशिक्षण लक्ष्य को पार कर लिया है, और 1200 के लक्ष्य के मुकाबले 1211 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया है।

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