नयी दिल्ली , फ़रवरी 05 -- दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता के पूर्व अध्यक्ष एवं उत्तर- पूर्व दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने केंद्रीय बजट को 2047 तक विकसित भारत के लिए देश के भाग्य खोलने के लिए पत्थर पर लकीर खींचने जैसा प्रयास बताया है।
श्री तिवारी ने दिल्ली भाजपा के कार्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मक्खन पर लकीर तो सब खींच लेते हैं, लेकिन 2026 का केंद्रीय बजट, 2047 तक विकसित भारत के लिए देश का भाग्य खोलने के वास्ते पत्थर पर लकीर खींचने जैसा प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने वाला बजट है।
उन्होंने कहा कि यह बजट पुराने बजट प्रस्तावों से अलग है। आम तौर पर जब बजट आता था तो बहुत सारे लोग इस बात को ध्यान में रखते थे कि कर में कितनी छूट मिली। हर साल सिर्फ कुछ पैसों पर कर छूट देकर लोगों को खुश किया जाता रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जिन लोगों का विश्वास है उस विश्वास की वजह से यह जो बजट पेश किया गया। इस बजट में लोग किसी आयकर छूट की नहीं, बल्कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के बजट की उम्मीद रख रहे थे और यह उम्मीद वित्त मंत्री ने पूरी की है।
श्री तिवारी ने कहा, "अगर यही कांग्रेस की सरकार होती तो हमें हर साल 50 हज़ार रुपये की कर छूट देकर समय बर्बाद करती, लेकिन मोदी सरकार हमें पिछले वर्ष ही सीधा 12 लाख रुपये तक की आमदनी की कर मुक्त करने का सौगात दे चुकी है। श्रीमती सीतारमण ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही है कि यह बजट 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने वाला बजट है।"उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार अवसरों के लिए विपक्ष या आम जानता हमेशा सवाल करती रही है इसलिए इस बार सरकार ने सिर्फ मेट्रो सिटी और बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि हर जिले में एक कौशल केंद्र बने उसकी व्यवस्था बजट में की गयी है।
उन्होंने कहा कि इस बजट से वाराणसी तक अब बुलेट ट्रेन से सफ़र करना आसान होगा। अब मुंबई सहित तमिलनाडु तक की दूरी को भी कुछ ही घंटों में तय करेंगे। सात रेल गलियारे बनाने की बात कहीं गयी गयी है। वह सच में पूरा होगा क्योंकि सरकार ने उसके लिए पैसे का भी प्रावधान किया है। पिछले महीने ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जो राजस्व आया है वह 1.93 लाख करोड़ रुपये है और अब लोग जीएसटी की तारीफ करते हैं ना कि शिकायत।
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