राजनांदगांव , जनवरी 28 -- छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव शहर की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था देव आनंद जैन शिक्षण संघ के कार्यकरण और वित्तीय प्रबंधन को लेकर लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार को जांच के आदेश दिए गए।

रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा संस्था के विरुद्ध आज औपचारिक जांच के आदेश जारी किए गए हैं। जांच के लिए सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं (बिलासपुर संभाग) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

जानकारी के अनुसार, 14 मार्च 2025 से आठ जनवरी 2026 के बीच रजिस्ट्रार कार्यालय को संस्था के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

शिकायतों में संस्था के वैधानिक गठन, सदस्यता प्रक्रिया, कार्यकरण और वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। विभाग द्वारा संस्था से जवाब तलब किया गया था, लेकिन प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, जिसके बाद निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रजिस्ट्रार ने छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रिकरण अधिनियम, 1973 (संशोधित 1998) की धारा 32(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच की जिम्मेदारी ज्ञान प्रकाश साहू, सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं, बिलासपुर संभाग को सौंपी गई है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जांच अधिकारी को अधिनियम की धारा 32(3) के तहत सभी आवश्यक विधिक अधिकार प्राप्त होंगे। इसके तहत वे गवाहों को तलब करने, आवश्यक दस्तावेज मांगने और रिकॉर्ड की जांच करने के लिए अधिकृत होंगे।

जांच अधिकारी को संस्था के कार्यकरण, वैधानिक स्थिति और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर 60 दिनों के भीतर रिपोर्ट रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।

रजिस्ट्रार ने संस्था के अध्यक्ष और सचिव को निर्देशित किया है कि वे जांच अधिकारी को सभी आवश्यक अभिलेख और दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं। जांच में असहयोग या दस्तावेज छिपाने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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