नडियाद , दिसंबर 29 -- गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने खेड़ा जिले के मातर तहसील के देथली गांव के वाड़ी-कुवा फलिया स्थित प्रगतिशील किसान ईश्वरभाई देवाभाई सोलंकी के प्राकृतिक कृषि मॉडल फार्म का देथली गांव में सोमवार को निरीक्षण किया।

श्री देवव्रत ने सोमवार प्रातः देथली के किसानों, पशुपालकों तथा फार्मर मास्टर ट्रेनरों के साथ प्राकृतिक कृषि के विस्तार एवं प्रचार-प्रसार को लेकर संवाद किया तथा सरकार द्वारा दी जा रही प्रशिक्षण योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती की शुरुआत आधे बीघा से करें और ईमानदारीपूर्वक प्राकृतिक खेती के पांचों आयामों तथा मिश्रित फसल पद्धति के माध्यम से श्रेष्ठ उत्पादन प्राप्त कर उदाहरण प्रस्तुत करें, जिससे अन्य लोग भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित हों।

उन्होंने कहा कि इसके लिए मातर तहसील के प्रत्येक गांव में प्राकृतिक कृषि पर प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्देश दिया और अनुरोध किया कि प्रशिक्षण के पश्चात तहसील के 49 गांवों में प्रत्येक किसान अपने आधे बीघा क्षेत्र में भी प्राकृतिक खेती अपनायें।

राज्यपाल ने किसान ईश्वरभाई सोलंकी के आधा बीघा फार्म में प्राकृतिक खेती की मिश्रित फसलों के अंतर्गत उगायी गयी फूल, पत्ता गोभी, मूली, हल्दी, मिर्च, टमाटर, प्याज, गन्ना, सहजन एवं पपीते के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

जिला बागायत निदेशक स्मिताबेन पिल्लई ने उन्हें अवगत कराया कि बागायत कार्यालय द्वारा स्वरोजगारोन्मुख नर्सरी विकास कार्यक्रम योजना अंतर्गत रुपये 2.27 लाख की 65 प्रतिशत सहायता प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि एस.सी.-एस.टी. के लिए आवंटित इस सहायता के अंतर्गत नेटहाउस के कारण फसलों का संरक्षण सुनिश्चित होता है।

राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने इस अवसर पर कहा कि प्राकृतिक कृषि में फसल संरक्षण हेतु यह योजना उल्लेखनीय एवं स्वागतयोग्य है। प्राकृतिक फार्म के निरीक्षण के उपरांत उन्होंने किसान श्री ईश्वरभाई के निवास पर अल्पाहार किया।

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