देवरिया, फरवरी 11 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जिला इकाई ने बुधवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भाजपा कार्यालय में समर्पण दिवस का आयोजन किया। इस दौरान कुष्ठ आश्रम में गरीबों को फल वितरण किया गया।
पार्टी कार्यालय पर आयोजित समर्पण दिवस कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए जिला प्रभारी व उत्तर प्रदेश भूमी विकास बैंक के अध्यक्ष संतराज यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद राजनीतिक परिदृश्य में पूंजीवाद, साम्यवाद और समाजवाद तेजी से उभर रहे थे। ऐसे समय में पं. दीनदयाल जी ने एकात्म मानववाद का सिद्धांत प्रस्तुत किया, जो आज भी भारत के राष्ट्र निर्माण में मार्गदर्शक सिद्ध हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पं. दीनदयाल ने अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचार को 1965 में विजयवाड़ा अधिवेशन के दौरान पार्टी की नीति और विचारधारा का हिस्सा बनाया। उनके नेतृत्व और पुरुषार्थ से ही1964 तक कांग्रेस के विकल्प के रूप में भारतीय जनसंघ की स्थापना संभव हुई और दिल्ली नगर निगम के चुनाव जीतकर पहली बार सत्ता में आई।
पार्टी के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता और प्रखर राष्ट्रवादी विचारधारा के पोषक पंडित दीनदयाल उपाध्याय का विचार यह था कि समाज, राजनीति और अर्थव्यवस्था को अलग-अलग खांचों में नहीं देखा जा सकता। मानव जीवन की भौतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक आवश्यकताओं का संतुलित विकास ही वास्तविक प्रगति है। उन्होंने अंत्योदय की अवधारणा प्रस्तुत की, जिसके अनुसार राष्ट्र की उन्नति का पैमाना वही होगा, जहां समाज के अंतिम व्यक्ति को भी सम्मानजनक जीवन मिल सके।
पूर्व विधायक डा. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज पार्टी के पास विश्व के सबसे बड़े कार्यकर्ता संगठन का गौरव है, और इसके पीछे पं. दीनदयाल उपाध्याय जैसे कई विभूतियों का अथक प्रयास है। उन्होंने बताया कि पं. दीनदयाल ने राजनीति को सत्ता और पद की साधना नहीं बल्कि राष्ट्र सेवा का माध्यम माना।
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