देहरादून , दिसंबर 26 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में धर्म की आड़ में पाखंड, ठगी, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन कालनेमि को 10 जुलाई से प्रदेश भर में प्रभावी रूप से लागू किया गया है।

ऑपरेशन कालनेमि अभियान के तहत ढोंगी बाबाओ, फर्जी साधुओं, छद्म वेषधारियों के साथ-साथ उत्तराखंड में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत अब तक 10 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया है, और शेष मामलों में गिरफ्तारियां करके विधिक कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेज, झूठी पहचान या फिर धर्म की आड़ में उत्तराखंड में रहने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि देवभूमि की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए उत्तराखंड में कोई भी जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं बल्कि कानून व्यवस्था और देवभूमि की गरिमा की रक्षा के लिए है।

सभी की आस्था का सम्मान किया जाएगा लेकिन आस्था की आड़ में अपराध, पाखंड और धोखाधड़ी को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं दिया जाएगा। इस अभियान के तहत हरिद्वार देहरादून उधम सिंह नगर जैसे संवेदनशील जनपदों में व्यापक स्तर पर सत्यापन एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई।

हरिद्वार में 3091 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया जिनमें से 715 मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है और 305 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसी तरह देहरादून में 1711 व्यक्तियों का सत्यापन करते हुए 206 गिरफ्तारियां की गई है।

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