सहारनपुर , दिसंबर 22 -- उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जिले की एक अदालत ने देवबंद के मोहल्ला सराय पीरजादगान निवासी अफजाल उर्फ मोनू की हत्या के मामले में सोमवार को तीन लोगों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है एवं प्रत्येक को 70-70 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवबंद विनीत कुमार वासवानी की अदालत ने अभियुक्त उस्मान , महताब व नरेंद्र सैनी को अफजाल उर्फ मोनू की हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई एवं प्रत्येक को 70 70 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।

अधिवक्ता देवी दयाल शर्मा ने बताया कि 11 जनवरी 2024 को अफजाल उर्फ मोनू अपने घर से निकला था मगर घर वापस नहीं लौटा। मोनू के भाई नवाबुर्रहमान ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 13 जनवरी 2024 को देवबंद थाने पर दी थी। इस बीच परिजनों को सुराग मिला कि मोनू अभियुक्त उस्मान के साथ 11 जनवरी की शाम देखा गया था। महताब और नरेंद्र सैनी को भी फावड़ा ले जाते हुए जंगल की ओर देखा गया था।

यह जानकारी मिलने पर अफजाल की पत्नी आशिया ने उस्मान, महताब व नरेंद्र सैनी के विरुद्ध थाना देवबंद पर तहरीर दी थी। जिसके आधार पर पुलिस ने तीनो को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर मोनू का शव घटना के 10 दिन बाद एक गड्ढे से बरामद किया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवबंद विनीत कुमार वासवानी की अदालत में चल रही थी।

अभियोजन पक्ष एवं बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवबंद विनीत कुमार वासवानी ने तीनो आरोपियों को हत्या कर शव छिपाने का दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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