ग्वालियर , अप्रैल 15 -- मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा स्थित अपर सत्र न्यायालय ने अबोध बालिका के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में आरोपी शेरू जाटव को मृत्यु दंड (फांसी) की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 7 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डबरा के न्यायाधीश विक्रम भार्गव ने आरोपी शेरू जाटव (27), निवासी थाना करहिया, को दोषसिद्ध पाते हुए यह सजा सुनाई।
प्रकरण के अनुसार पीड़िता के पिता ने 6 फरवरी 2023 को थाना करहिया में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 7 वर्षीय बेटी गांव में बारात देखने गई थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। तलाश के दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि बच्ची को आरोपी शेरू जाटव के साथ देखा गया था।
शक के आधार पर पूछताछ करने पर आरोपी ने पहले गुमराह किया, लेकिन बाद में उसने स्वीकार किया कि उसने खेत में बच्ची के साथ दुष्कर्म कर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बालिका का शव बरामद किया था।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए मृत्यु दंड और अर्थदंड से दंडित किया। मामले में पैरवी विशेष लोक अभियोजक हेमी गुप्ता द्वारा की गई।
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