पटना , फरवरी 4 -- पुलिस ने कथित रूप से दुष्कर्म की शिकार नीट छात्रा के मामले में बुधवार को कहा कि छात्रा न तो पटना स्थित उस निजी हॉस्टल से बाहर निकली थी और न ही 5 जनवरी की दोपहर से 6 जनवरी के बीच उसके बेहोश होने से पहले किसी बाहरी व्यक्ति ने हॉस्टल में प्रवेश किया।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पटना कार्तिकेय शर्मा, आईजी जितेंद्र राणा और सिटी एसपी परिचय कुमार ने मीडिया को बताया कि नीट छात्रा से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले की हर बिंदु पर जांच की गई। उन्होंने कहा कि छात्रा 06 जनवरी को अपने कमरे में बेहोश मिली थी, जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद उसे दूसरे निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला अधिक मात्रा में नींद की गोलियां खाने से मौत का प्रतीत होता है। ये गोलियां उसने 27 दिसंबर को जहानाबाद स्थित अपने पैतृक गांव जाते समय एक मेडिकल स्टोर से खरीदी थी। पुलिस के अनुसार हॉस्टल के कम5रे से नींद की गोलियों की खाली स्ट्रिप भी बरामद हुई है।

पुलिस ने बताया कि छात्रा 05 जनवरी की दोपहर अपने उसी हॉस्टल की एक सहेली के साथ जहानाबाद से लौटकर आई थी। इसके बाद वह हॉस्टल से बाहर नहीं निकली और न ही किसी बाहरी व्यक्ति ने हॉस्टल में प्रवेश किया। छात्रा के पांच कपड़े परिजनों द्वारा पुलिस को सौंपे गए, जिनमें से एक कपड़े पर एफएसएल रिपोर्ट में शुक्राणु के निशान पाए गए।

पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी छात्रा के साथ किसी प्रकार के यौन शोषण की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। वहीं मृतका के परिजनों ने मामले की सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग करते हुए पटना हाईकोर्ट का रुख किया था। परिजनों की याचिका पर संज्ञान लेते हुए बिहार सरकार ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया है।

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