दंतेवाड़ा , अप्रैल 09 -- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में वन विभाग की टीम ने महाराष्ट्र के राजकीय पशु 'शेकरू' (इंडियन जायंट स्क्विरल) के शिकार के मामले में एक युवक को हिरासत में लिया है।
गुरुवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कुल नौ शेकरू का शिकार किया और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके वायरल होने के बाद पूरा मामला सामने आया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है, जबकि अन्य 10 आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
जिला वन अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान बंशी राम कवासी के रूप में हुई है, जो बारसूर क्षेत्र का निवासी है। उसने शिकार के बाद मृत शेकरू के साथ इंस्टाग्राम पर रील पोस्ट की थी, जिसमें एक लोकप्रिय गाना जोड़ा गया था। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और वन विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में आया, जिसके बाद तत्काल जांच शुरू की गई।
जिला वन अधिकारी के निर्देश पर दंतेवाड़ा रेंजर डॉ. प्रीतेश पांडेय और गीदम रेंजर ज्योत्सना पांडेय के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सोशल मीडिया से मिले सुरागों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी लोकेशन ट्रैक की। इंस्टाग्राम आईडी से मोबाइल नंबर और लोकेशन निकालते हुए टीम अबूझमाड़ क्षेत्र के एक अंदरूनी गांव पहुंची, जहां से आरोपी को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि इस शिकार में उसके साथ कुल 11 अन्य लोग शामिल थे। उसने बताया कि दो-तीन दिन पहले वह साथियों के साथ जंगल गया था, जहां पेड़ों और जमीन पर खाने का सामान रखकर शेकरू को आकर्षित किया गया। जैसे ही ये वन्य जीव झुंड में भोजन के लिए पहुंचे, आरोपियों ने गुलेल से हमला कर नौ शेकरू का शिकार कर लिया।
वन विभाग के अनुसार, 'शेकरू' एक दुर्लभ वृक्षवासी गिलहरी प्रजाति है, जो प्रायः घने जंगलों में ऊंचे पेड़ों पर रहती है और जमीन पर कम ही उतरती है। इसका आकार सामान्य गिलहरी से कहीं बड़ा होता है तथा यह अपनी लंबी पूंछ और रंग-बिरंगे फर के कारण आसानी से पहचानी जाती है। यह प्रजाति जंगल के पारिस्थितिकी संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि बीजों के प्रसार में इसकी अहम भागीदारी होती है। ऐसे में इसका शिकार जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा माना जाता है।
शिकार के बाद सभी मृत शेकरू को आरोपी अपने घर ले आए, जहां आंगन में उन्हें रखकर इंस्टाग्राम रील बनाई गई। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर मांस पकाया और खा लिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस प्रजाति का शिकार पहले भी किया जाता रहा है, जिससे वन विभाग की चिंता बढ़ गई है।
गीदम रेंजर ज्योत्सना पांडेय ने बताया कि अन्य आरोपियों के नाम सामने आ चुके हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। विभाग इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, जिसमें कठोर दंड का प्रावधान है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 'शेकरू' जैसी संरक्षित प्रजातियों का शिकार न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे जंगलों के प्राकृतिक संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें और इस तरह की किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित