वाराणसी , मार्च 23 -- उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने सोमवार को दिए साक्षात्कार के दौरान कहा कि वर्ष 2014 के बाद से काशी अपनी प्राचीनता के साथ-साथ आधुनिकता की विकास गाथा लिख रही है। दुनिया के मानचित्र पर काशी का विकास अब एक मॉडल के रूप में उभरकर सामने आ रहा है।
केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से काशी में पेयजल, सड़कें, पुल, स्वास्थ्य, पर्यटन, रिंग रोड, ट्रैफिक व्यवस्था, खेल, रोपवे आदि क्षेत्रों में चहुमुखी विकास हुआ है और हो रहा है। वर्ष 2027 के चुनाव में काशी का यह मॉडल पूरे प्रदेश और देश के सामने होगा।
श्री जायसवाल ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में जनपद में 35,156 करोड़ रुपये की लागत से 486 लोक कल्याणकारी परियोजनाओं को धरातल पर उतारा गया है। वर्तमान में 17,915 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण कार्य चल रहा है।
उन्होंने कहा कि जनपद में 22,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग एवं सेतु निर्माण से संबंधित 120 से अधिक परियोजनाएँ पूर्ण की जा चुकी हैं। रेलवे, एयरपोर्ट सहित कई अन्य परियोजनाओं का निर्माण कार्य 4,934 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रगति पर है।
स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत काशी में 30 से अधिक परियोजनाएँ 850 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पूर्ण की गई हैं। इनमें वाराणसी सिगरा स्टेडियम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, पूरे शहर में 700 से अधिक उन्नत तकनीक वाले सर्विलांस कैमरे तथा गोदौलिया में मल्टीलेवल टू-व्हीलर पार्किंग का निर्माण प्रमुख हैं।
काशी की सबसे बड़ी समस्या सीवरेज और पेयजल से जुड़ी थी। इसे दूर करने के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 50 से ज्यादा परियोजनाएँ पूर्ण की जा चुकी हैं, जबकि 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकारों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। 1,870 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्वास्थ्य से संबंधित 43 परियोजनाएँ पूर्ण की गई हैं, जिनमें मुख्य रूप से कैंसर इंस्टीट्यूट, होमी भाभा कैंसर अस्पताल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में 430 शैय्या युक्त सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, जिला महिला चिकित्सालय, कबीरचौरा में 100 शैय्या युक्त मैटरनिटी विंग तथा बोन मैरो ट्रांसप्लांट एंड स्टेम सेल रिसर्च सेंटर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वर्तमान में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी लगभग 914 करोड़ रुपये की परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं।
काशी पूरे विश्व का आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र मानी जाती है। पर्यटन विकास से संबंधित 721 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 30 परियोजनाएँ पूर्ण की जा चुकी हैं। इनमें प्रमुख रूप से नमो घाट, श्री काशी विश्वनाथ धाम, सारनाथ में पर्यटन पुनर्विकास, पंचकोसी परिक्रमा यात्रा के पाँच पड़ावों का पर्यटन विकास, मारकंडेय महादेव मंदिर, कैथी गंगा घाट, रामेश्वर में पर्यटन विकास कार्य, आभासीय अनुभूति संग्रहालय, मान महल, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अन्न क्षेत्र का निर्माण तथा गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पर्यटन विकास एवं गंगा दर्शन गेस्ट हाउस शामिल हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित