दंतेवाड़ा , मार्च 19 -- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिला में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और पुनर्वास के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय जयपुर फुट कैंप का सफल समापन हुआ।

जिला प्रशासन के प्रयासों से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों ने भाग लिया और उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण एवं सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। जिला प्रशासन से गुरुवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार शिविर में कुल 133 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। शिविर के दौरान विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरणों का वितरण किया गया, जिससे लाभार्थियों को दैनिक जीवन में सहूलियत मिलने के साथ आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

कैंप के दौरान 13 हितग्राहियों को नया दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया गया। इसके अलावा 14 लाभार्थियों को सामान्य ट्रायसायकल प्रदान की गई। 9 दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई, जबकि 86 लोगों को श्रवण यंत्र दिए गए। इसी प्रकार 7 लाभार्थियों को कैलीपर्स तथा 7 को बैसाखी वितरित की गई। वहीं 12 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग प्रदान किए गए, जिससे उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।

शिविर के माध्यम से ऐसे दिव्यांगजनों तक भी सहायता पहुंचाई गई, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में आवश्यक उपकरण प्राप्त करने में कठिनाई होती है। सहायक उपकरण मिलने से लाभार्थियों को अपने दैनिक कार्यों में सहूलियत मिलेगी और वे सामाजिक तथा आर्थिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगे।

शिविर के प्रथम दिवस पर जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष रमेश गावड़े तथा ग्राम पंचायत गमावाड़ा और छोटे तुमनार के सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और उपस्थित नागरिकों ने दिव्यांगजनों के हित में आयोजित इस शिविर को उपयोगी पहल बताते हुए इसकी सराहना की।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस शिविर से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन लाभान्वित हुए। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे जरूरतमंद दिव्यांगजनों को समय पर सहायता और आवश्यक उपकरण उपलब्ध हो सकें।

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