नयी दिल्ली , मार्च 14 -- लेखक, राजनीतिक टिप्पणीकार और नीति विश्लेषक तुहिन ए सिन्हा की आगामी पुस्तक 'नक्सल टेरर वैंक्विश्ड' का शनिवार को यहां अनावरण किया गया।
पुस्तक में इस बात का विस्तृत विवरण है कि कैसे भारत ने अपनी सबसे लंबी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में से एक, 'दशकों पुराने माओवादी उग्रवाद' को समाप्त किया है।
यह पुस्तक 1967 में नक्सलबाड़ी में हुए वैचारिक विद्रोह से लेकर मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से में फैले 'रेड कॉरिडोर' के उग्रवादी नेटवर्क के निरंतर पतन तक वामपंथी उग्रवाद के पूरे सफर का विवरण देती है।
राजनीतिक घटनाक्रमों, सुरक्षा अभियानों और प्रभावित क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर हुए बदलावों के आधार पर पुस्तक यह दस्तावेजीकरण करती है कि कैसे समन्वित शासन, विकास और सुरक्षा पहलों ने उग्रवाद का परिदृश्य बदल दिया।
पुस्तक के लेखक ने कहा, "नक्सल मुक्त भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की राजनीतिक इच्छाशक्ति की जीत का प्रतीक है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि वर्षों के दृढ़ नेतृत्व, समन्वित सुरक्षा अभियानों और विकास पहलों को दर्शाती है, जिसने कभी हिंसा के चक्र में फंसे क्षेत्रों में आशा और अवसर बहाल किये हैं। यह पुस्तक इस उल्लेखनीय राष्ट्रीय यात्रा और उन लोगों के लचीलेपन को दर्ज करने का प्रयास है, जो इस दौर से गुजरे हैं।"प्रकाशक अजय मागो के अनुसार, यह पुस्तक भारत के आंतरिक सुरक्षा विमर्श के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आयी है। उन्होंने कहा, "पुस्तक न केवल राजनीतिक वृत्तांत है, बल्कि कभी माओवादी हिंसा के दबदबे वाले क्षेत्रों में शांति की ओर भारत की यात्रा का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज है।
श्री सिन्हा ने गहन शोध और प्रभावशाली कहानी के माध्यम से यह प्रस्तुत किया है कि कैसे शासन, सुरक्षा और विकास ने मिलकर इन क्षेत्रों की दिशा बदल दी। यह लचीलेपन, राज्य की क्षमता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जीत की कहानी है।"कभी वामपंथी उग्रवाद से बुरी तरह प्रभावित रहे राज्यों के नेताओं ने अपने क्षेत्रों में आये बदलाव के दस्तावेजीकरण के लिए पुस्तक का स्वागत किया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "गढ़चिरौली को नक्सली आतंक के साये से मुक्ति दिलाना महाराष्ट्र के लिए परिवर्तनकारी अध्याय है। श्री सिन्हा की पुस्तक इस विजय, शांति तथा विकास की बहाली के लिए अथक परिश्रम करने वालों के साहस का प्रभावी ढंग से वर्णन करती है।"मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उल्लेख किया, "नक्सल मुक्त मध्य प्रदेश ने विशेष रूप से संवेदनशील बालाघाट क्षेत्र और आदिवासी पट्टियों में विकास और समावेशी विकास की अपार संभावनाओं का द्वार खोल दिया हैं। इस निर्णायक सफलता को सामने लाने के लिए श्री सिन्हा का यह सूक्ष्म विवरण व्यापक रूप से पढ़े जाने योग्य है।"छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "बस्तर से नक्सलवाद के उन्मूलन ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी हृदय स्थल में नयी सुबह ला दी है। श्री सिन्हा की पुस्तक स्थायी शांति की ओर इस असाधारण यात्रा का आधिकारिक और प्रेरणादायक दस्तावेज है।"रिपोर्टिंग, राजनीतिक विश्लेषण और जो कभी उग्रवाद के केंद्र थे, उन क्षेत्रों के वृत्तांतों को जोड़ते हुए यह पुस्तक पाठकों को इस बात का विस्तृत विवरण देती है कि माओवादी आंदोलन, जिसने कभी भारत के दर्जनों जिलों को प्रभावित किया था, कैसे 2014 से 2026 के बीच धीरे-धीरे अपना आधार खोता चला गया।
श्री सिन्हा शासन, नीति और समसामयिक राजनीति पर व्यापक रूप से लिखते हैं। इस पुस्तक के अप्रैल में रिलीज होने की संभावना है।
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