नयी दिल्ली , मार्च 19 -- दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को तमिल समाचार पत्रिका 'नक्कीरन पब्लिकेशंस' को एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए जग्गी वासुदेव के 'ईशा फाउंडेशन' के खिलाफ प्रकाशित अपमानजनक सामग्री को तुरंत हटाने और डिलीट करने का आदेश दिया है।
ईशा फाउंडेशन ने साल 2024 में दिल्ली उच्च न्यायालय में नक्कीरन पब्लिकेशंस के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। फाउंडेशन का आरोप है कि पत्रिका के यूट्यूब चैनल 'नक्कीरन टीवी' पर प्रसारित वीडियो के माध्यम से उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई है। इस मुकदमे में फाउंडेशन ने हर्जाने के तौर पर तीन करोड़ रुपये की मांग की है और विवादित वीडियो को हटाने का अनुरोध किया है।
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