नयी दिल्ली , दिसंबर 10 -- दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस बार जाड़े के मौसम में उड़ानें कम बाधित होंगी, और बाधित होने के बाद भी दो घंटे में ही स्थिति सामान्य हो जायेगी।

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 10 दिसंबर से 10 फरवरी तक फॉग सीजन (कोहरा काल) घोषित किया है। दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि रनवे 10/28 अब द्वारका की तरफ भी कैट-3 उपकरण समर्थित लैंडिग प्रणाली से लैस हो गया है। दिल्ली के तीनों रनवे (10/28, 11एल/29आर और 11आर/29एल) दोनों छोरों पर कैट-3 से लैस हैं। इससे घने कोहरे की स्थिति में भी हवाई अड्डे पर प्रति घंटा 30 लैंडिंग संभव हो सकेगी।

डायल ने दावा किया है कि अब कोहरे से संबंधित देरी के बाद स्थिति सामान्य होने में छह की जगह दो ही घंटे लगेंगे। इससे यात्रियों की परेशानी कम होगी।

डायल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा, "दिल्ली में जाड़े के मौसम में कोहरा एक सामान्य बात है। हम यात्रियों पर इसके प्रभाव को कम से कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस साल अगली पीढ़ी के एआई टूल, आधुनिक विश्लेषण और विंटर फॉग एक्सपेरिमेंट के आंकड़ों के साथ हम पहले से अधिक तैयार हैं।"प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि विंटर फॉग एक्सपेरिमेंट के आंकड़ों की मदद से 85 प्रतिशत सटीकता के साथ कोहरे की भविष्यवाणी की जा सकती है। साथ ही पुणे के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मिटिओरोलॉजी (आईआईटीएम), भारतीय मौसम विभाग और डायल मिलकर एक अनुसंधान कर रहे हैं। इसमें कोहरे की भविष्यवाणी के लिए एक आधुनिक मॉडल तैयार किया जा रहा है जिसकी मदद से एक से 36 घंटे पहले तक कोहरे की भविष्यवाणी संभव होगी।

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