नयी दिल्ली , अप्रैल 07 -- केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सुनियोजित और समावेशी शहरी विकास के एक नए चरण का साक्षी बन रही है जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार शहर का निर्माण करते हुए विरासत संबंधी मुद्दों का समाधान करना है।

श्री खट्टर ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पारगमन उन्मुख विकास (टीओडी) की अवधारणा की परिकल्पना दिल्ली मास्टर प्लान 2021 में पहले ही की जा चुकी है और पारगमन उन्मुख विकास (टीओडी) और शुल्क संबंधी विनियम, 2026 इसी दृष्टिकोण पर आधारित है जिसका उद्देश्य विशेष रूप से मेट्रो कॉरिडोर के साथ योजनाबद्ध, टिकाऊ और आवागमन के लिए सार्वजनिक परिवहन से जुड़े आवासन से संबंधित शहरी विकास को बढ़ावा देना है ताकि पहुंच में सुधार हो और बड़े पैमाने पर सस्ते आवासों का निर्माण संभव हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और प्रेरणा से ये परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली सुनियोजित और समावेशी शहरी विकास के एक नए चरण का साक्षी बन रही है जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार शहर का निर्माण करते हुए विरासत संबंधी मुद्दों का समाधान करना है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप दिल्ली के भविष्य को और मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पारगमन उन्मुख विकास (टीओडी) नीति के अंतर्गत, मेट्रो और आरआरटीएस गलियारों के 500 मीटर के दायरे में लगभग 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में योजनाबद्ध, उच्च घनत्व और मिश्रित उपयोग की दृष्टि से विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इससे सस्ते आवास, आवागमन के लिए बेहतर संपर्क और सुगमतापूर्वक जीवन-यापन का मार्ग प्रशस्त होगा। यह पहल विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण रूप से सहायक सिद्ध होगी। नयी नीति के माध्यम से दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सस्ते आवास और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना की उपलब्धता और सघन मिश्रित उपयोग विकास के माध्यम से भूमि का यथासंभव उपयोग सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी ताकि वर्तमान और भविष्य में बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं को लाभ हो।

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