नयी दिल्ली , फरवरी 10 -- दिल्ली सरकार ने मंगलवार को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों के लिए वित्तीय सुरक्षा और शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'दिल्ली लखपति बिटिया योजना' शुरू करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली की कोई भी बालिका आर्थिक बाधाओं के कारण अपनी शिक्षा अधर में छोड़ने के लिए मजबूर न हो, साथ ही उसके प्रमुख शैक्षणिक चरण पूरे होने तक एक दीर्घकालिक बचत कोष तैयार किया जा सके, जो परिपक्वता पर उपलब्ध हो।

उन्होंने कहा कि नई योजना के तहत सरकार प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 56,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जो शिक्षा और आयु से जुड़े चरणों के अनुसार किश्तों में जमा की जाएगी। यह सहायता जन्म से शुरू होकर स्नातक या डिप्लोमा स्तर की पढ़ाई तक जारी रहेगी। यह संचित राशि समय के साथ बढ़ेगी और परिपक्वता पर लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे जारी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी सरकार की उन योजनाओं में से एक है जो मेरे दिल के बहुत करीब है। यह सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि दिल्ली की हर बेटी को अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने का अवसर मिले। यह हमारी बेटियों के भविष्य और इसलिए हमारे देश के भविष्य में निवेश है, जो उनके सक्षम हाथों में है। जैसे-जैसे लड़कियां शिक्षा के चरण पार करेंगी, हम उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे 56,000 रुपये तक जमा करेंगे, जो परिपक्वता पर ब्याज सहित एक लाख रुपये से अधिक हो जाएगा।

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