नयी दिल्ली, 11अप्रैल (वार्ता) दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कहा कि उन्होंने डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके धोखाधड़ी से प्राप्त धन के फर्जी बैंक खातों के माध्यम से लेन-देन में शामिल एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) आदित्य गौतम ने कहा कि आरोपी एक सुनियोजित नेटवर्क का हिस्सा थे, जो कमीशन पर बैंक खाता प्राप्त करते थे और धोखाधड़ी से प्राप्त धन को निकालने के लिए कई स्तरों पर लेन-देन करते थे। उन्होंने कहा कि निरंतर तकनीकी निगरानी एवं वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण करने के बाद पुलिस को कई राज्यों में आरोपियों की पहचान करने और उनका पता लगाने में मदद मिली।
पहले मामले में 47 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी शामिल है, जिसमें आरोपी गौतम सिंह उर्फ गोलू और फरहान उर्फ फैजी को डिजिटल अरेस्ट मामले में उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में, जालसाजों ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों का रूप धारण किया और पीड़ितों को फर्जी कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर उनसे पैसे ऐंठ लिये। पीड़ित को जबरन तथाकथित 'सुरक्षित' खातों में धनराशि स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया गया, जिन्हें बाद में फर्जी बैंक खातों से जुड़े सिम कार्ड का उपयोग करके संचालित किया गया।
जांच में पता चला कि बैंक खाता किट एवं पंजीकृत मोबाइल नंबर कमीशन पर उपलब्ध कराये गये थे औरइन्हें उन संचालकों को सौंप दिया गया था, जो पकड़े जाने से बचने के लिए अस्थायी स्थानों से लेनदेन करते थे।
पुलिस ने धोखाधड़ी की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश में होने का पता लगाया और जमीनी स्तर पर समन्वित प्रयासों के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया।
दूसरे मामले में, जो लगभग 35 लाख रुपये के ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से संबंधित है, जिसमें आरोपी अंकुश उर्फ अंकू को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उसने किसी अन्य व्यक्ति के निर्देश पर एक फर्जी फर्म और उससे जुड़ा बैंक खाता खोला था, जिसका इस्तेमाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी ट्रेडिंग योजनाओं के माध्यम से पीड़ितों को लुभाकर उनसे ठगी की गयी रकम स्थानांतरित करने के लिए किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि निवेश धोखाधड़ी मामले में इस्तेमाल किये गये खाते का संबंध कई साइबर अपराध घटनाओं से है, जो एक व्यापक अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता का संकेत देता है। आरोपियों से दो मोबाइल फोन और बैंक खाता किट बरामद किये गये।
अपराध शाखा ने नागरिकों से व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर प्रसारित होने वाले अवांछित निवेश प्रस्तावों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर देने का आग्रह किया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित